गुजरात : साल के अंत तक महानगरों में शुरू हो जाएंगी इलेक्ट्रिक बसें

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गुजरात राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करने का निर्णय लिया

देश में लगातार बढ़ रहे पेट्रोल डीजल की कीमतों को देखते हुए गुजरात राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल के विकल्प के रूप में इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करने का निर्णय लिया है। इसके तहत निगम ने नागरिक परिवहन सेवा में 50 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने का निर्णय लिया है। राज्य के सभी महानगरों को इलेक्ट्रिक बसों से जोड़ने का निर्णय पहले बजट में लिया गया था। इस बारे में दुबारा विचार करते हुए इस साल दिसंबर अब तक एसटी निगम को 50 इलेक्ट्रिक बसें मुहैया कराने की बात कही गई है।  साथ ही केवड़िया के लिए 50 अलग इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन है।  इनके साथ साथ इलेक्ट्रिक बसों को चार्ज करने का भी विकल्प मिल गया है। जिसमें अहमदाबाद समेत 5 शहरों में चार्जिंग स्टेशन लगाने का फैसला किया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक इस साल के अंत तक राज्य के महानगरों को इलेक्ट्रॉनिक बसों से जोड़ दिया जाएगा। दिसंबर के अंत तक एसटी निगम को 50 बसें, जबकि केवड़िया के लिए 50 अलग-अलग बसें उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इसकी तैयारियों के तहत, राज्य सरकार ने अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, राजकोट और गांधीनगर में चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण को अंतिम रूप दिया है। पहले चरण में प्रायोगिक आधार पर महानगरों के बीच केवल ई-बसें चलाई जाएंगी। यानी दिसंबर के अंत तक राज्य में कुल 100 बसें उपलब्ध होंगी।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने नीति आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार गुजरात के लिए 50 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी है, जिसमें भारत सरकार ने अधिकतम 1 करोड़ तक की सब्सिडी का भुगतान किया जाएगा। सकल लागत अनुबंध-मॉडल एक प्रकार का पीपीपी मॉडल है जिसमें ठेकेदार को प्रति किलोमीटर किराए का भुगतान करना होगा जबकि चालक और उसका खर्च निगम द्वारा वहन किया जाएगा। इस परियोजना में अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट और जामनगर में स्थापित होने वाले इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों को ठेकेदार को निवेश करना होगा।
 इसके लिए जगह निगम द्वारा मुहैया कराई जाएगी, इसके अलावा प्रति यूनिट चार्ज करने का खर्च निगम खुद वहन करेगा। आपको बता दें कि परियोजना के पीछे एकमात्र उद्देश्य प्रदूषण को कम करना है। इस वर्ष के बजट में, राज्य के बंदरगाहों और परिवहन विभाग के लिए कुल 1478 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ बताया गया है कि एसटी बस निगम में 800 डीलक्स प्रकार और 200 स्लीपर कोच वाली कुल 1000 नई बसें चालू की जाएंगी।  साथ ही लंबी दूरी की यात्रा के लिए आरामदायक 500 वॉल्वो बसें पीपीपी आधार पर चलाई जाएंगी। जिसके लिए 270 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा, हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पहली बार 30 करोड़ रुपये की लागत से एसटी द्वारा 50 इलेक्ट्रिक और 50 सीएनजी वाहनों को चालू किया जाएगा। 
औद्योगिक श्रमिकों को बैटरी से चलने वाले दोपहिया वाहन खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए श्रम और रोजगार विभाग द्वारा गो-ग्रीन लेबर योजना शुरू की गई है।

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