गुजरात : गजब की ठगी; हवा से 90 करोड़ रुपये खिंचने का झांसा देकर 17 हज़ार की चपत लगाई!

प्रतीकात्मक छवि

पुराने जमाने के सिक्कों पर विधि कर के आकाश में से करोड़ों सिक्के खींच लेने का झांसा देकर बनाया था मूर्ख, विधि के दौरान परिवार वाले ठीक तरह से बेहोश ना हो पाने के कारण खुली पोल

देश एक और आधुनिकता में एक के बाद एक कई अनोखे कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसके बाद भी कई लोग आज भी अंधश्रद्धा में जी रहे है। ऐसे लोगों का फायदा उठाकर कई तांत्रिक अपना उल्लू सीधा करते रहते है। ऐसा ही एक और मामला गुजरात के वलसाड से सामने आया था। यहाँ एक तांत्रिक आकाश में से पैसे खींच निकालने कि बात कहकर लोगों को झांसा देता था और विधि के बहाने उन्हें बेहोशी की दवा पीला कर वहाँ से भाग जाता था। 
ऐसी ही एक विधि वह गुजरात के कपराड़ा में रहने वाले परिवार के साथ करने जा रहा था, हालांकि परिवार के सदस्य ठीक तरीके से बेहोश नहीं हुए थे। इसके चलते धूर्त तांत्रिक को उन्होंने पकड़ लिया था। विस्तृत जानकारी के अनुसार, कपराडा के वारोली तालोट गाँव में रहने वाले मयूर और उसके मित्र रमेश के पास पुराने जमाने के कुछ सिक्के थे। भरत बापू नाम के एक तांत्रिक ने उन्हें इन सिक्कों पर विधि कर आकाश में से 90 करोड़ की बारिश करने का झांसा दिया था। डूंगरी इलाके में से मिले इस तांत्रिक की बात पर दोनों ने यकीन कर लिया था। 
भरत ने कहा था कि वह उनके घर पर ही पैसों की बारिश करवाने आएगा। तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार, 29 जनवरी को भरत बापू वारोली तलात गाँव पर मयूर के घर विधि करने आया था। विधि के दौरान उसने मयूर के पास से 8 हजार और रमेश के पास से 9 हजार रुपए लिए थे। इसके बाद एक विधि करने के बहाने उसने दो लीटर पानी में नशे की दवाई मिक्स कर दी और उन्हें प्रसाद कह कर पीला दिया। बेहोशी की दवा पिलाने के बाद भरत बापू भागने वाला था, हालांकि उसकी किस्मत काफी खराब थी। क्योंकि घर के सदस्य ठीक से बेहोश नहीं थे। इसके चलते उन्होंने भरत बापू को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पूरे मामले में भरत के खिलाफ लूट और धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।

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