गुजरात में पहली बार हुआ एंटीबॉडी कॉकटेल इंजेक्शन का इस्तेमाल, मात्र 5 घंटो में ही बढ़ा ऑक्सीज़न लेवल

प्रतिकात्मक तस्वीर

वडोदरा में भर्ती डायबिटिक महिला मरीज के ऊपर किया गया इंजेक्शन, पूर्व अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी करवा चुके है इंजेक्शन से इलाज

राज्य में पहले एंटीबॉडी कॉकटेल इंजेक्शन का इस्तेमाल वडोदरा की 54 वर्षीय महिला पर किया गया था। जो की सफल हुआ था। इंजेक्शन देने के बाद ही महिला का ऑक्सीज़न लेवल 5 घंटों में 93 से बढ़कर 97 तक पहुँच गया था। इस इंजेक्शन के एक डोज़ की कीमत 59,750 रुपए है उयर यह इंजेक्शन स्वीटजरलेंड की रोष कंपनी से सीधा गुजरात को मिले है। बता दे की अमेरिका के भूतपूर्व प्रेसिडेंट ट्रम्प ने ऐसा ही एंटीबॉडी इंजेक्शन लिया था। इसके अलावा कुछ समय पहले ही हरियाणा में भी इस इंजेक्शन का इस्तेमाल कर कोरोना मरीज का इलाज किया गया था। 
विस्तृत जानकारी के अनुसार, स्वीटजरलेंड की रोश कंपनी में से इंजेक्शन का स्टॉक सीधा गुजरात में ही आता है। फिलहाल गुजरात को इस इंजेक्शन के 84 वाइल मिले है। जिसे वडोदरा के अलावा सूरत, राजकोट, जामनगर तथा अहमदाबाद में बांटे गए है। इस इंजेक्शन के इस्तेमाल से मौत की संभावना को 70 प्रतिशत तक टाला जा सकता है। जिसमें से एक इंजेक्शन वडोदरा की अस्पताल में भर्ती एक डायबिटिक महिला मरीज को दिया गया था। उनका इंजेक्शन लेवल 93 के आसपास था और इंजेक्शन देने के बाद 5 घंटो में ही उनका ऑक्सीज़न लेवल 97 पर पहुँच गया था।
इसके पहले हरियाणा के गुड़गांव में भी 84 साल के बुजुर्ग मोहब्बत सिंह का इलाज मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल दवा से किया गया था। जो की इस दवा से ठीक होने वाले देश के पहले व्यक्ति थे। इसके पहले पिछले साल तत्कालीन अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को भी कोरोना पॉज़िटिव आने के बाद इस इंजेक्शन का इस्तेमाल कर के ठीक किया गया था। यदि किसी कोरोना संक्रमित मरीज को 7 दिन के अंदर ही यह दवा दे दी जाये तो जिन लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है, उसमें से 70 से 80 प्रतिशत लोग घर पर ही ठीक हो सकते है। 

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