प्रेमिकाओं संग माउंट आबू घूमने जाने के बाद भागीदारों में हुई अनबन, जानें क्या हुआ अंजाम

(Photo Credit : banaskanthaupdate.com)

दोनों बिजनेस पार्टनर में हो गई थी अनबन, गलतफहमी के कारण की अपने ही बिजनेस पार्टनर की हत्या

गुजरात के बनासकांठा में दियोदर के पास नहर में से 15 दिन पहले एक हत्या की हुई लाश मिली थी। जिसका राज पुलिस ने उजागर कर दिया है। पूरी घटना में मृतक के पार्टनर ने ही हत्या की होने की जानकारी सामने आ रही है। जिसके चलते पुलिस ने पार्टनर के सहित कुल 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार दियोदर के पास नर्मदा नहर में 11 तारीख को अहमदाबाद के निवासी यस प्रजापति की लाश मिली थी। जिसमें पुलिस ने बारीकी से जांच की थी, तो पता चला की यस का हत्यारा कोई और नहीं बल्कि उसका ही बिजनेस पार्टनर कौशिक सोनी निकला।
कौशिक जो की अहमदाबाद के चांदलोडिया में रहकर सोने चांदी का व्यापार करता हैं। कुछ दिनों पहले उसकी पहचान यश प्रजापति के साथ हुई थी और दोनों ने पार्टनरशिप में धंधा शुरू किया था। कौशिक सोनी और यश प्रजापति दोनों अपनी प्रेमिकाओं के साथ घूमने माउंट आबू गए थे। इस दौरान कौशिक सोनी का उसकी प्रेमिका के साथ फोटो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। जिससे कि दोनों के बीच झगड़ा हुआ और दोनों में कहासुनी हो गई। बाद में व्यापार में नुकसान होने के कारण दुकान बंद कर देनी पड़ी। इस दौरान चांदी के बंटवारे के दौरान भी दोनों के बीच झगड़ा हो गया था और दोनों एक दूसरे पर शक करने लगे थे। इसी बीच कौशिक सोनी अमदाबाद में धोखाधड़ी के मामले में पकड़ा गया था और 7 महीने तक जेल में रहा। कौशिक सोनी को लगता था कि उसे पकड़वाया था। इसका बदला लेने के लिए उसने अपने दोस्त दिव्येश की मदद से यश प्रजापति को बहला कर बुलाया था।
यश प्रजापति पर धोखाधड़ी का आरोप होने के कारण वह उसे पुलिस के नाम पर डरा कर पैसे भी लेता था। इस कांड में कौशिक के साथ उसके दो दोस्त भरत व्यास और हिरन ठाकुर भी शामिल थे। वह भी यश को डराते थे। घटना के दिन दिव्येश पटेल यश को उसकी होंडा सिटी गाड़ी में लेकर चाणस्मा ले गया और गाड़ी रुका कर कौशिक सोनी भी आ गया। इसके बाद उसे दियोदर में कौशिक के खेत में ले गया और मार मारा। साथ ही पुराने रंजिश का बदला लेने के लिए दो लाख ने मांगे। यश ने अपने पिताजी से 50000 आंगड़िया पेढ़ी के माध्यम से मंगाया और 5000 ऑनलाइन ट्रांसफर किया। उसके पास और पैसे नहीं थे तब चारों आरोपियों ने गाड़ी भरत व्यास के नाम लिखवा ली थी। बाद में उन्हें लगा कि यदि यश को छोड़ दिया गया तो वह पुलिस में शिकायत दर्ज करवा देगा। जिसके चलते उन्होंने डर के मारे यश को नहर पर ले जाकर पानी में धक्का मार दिया। हालांकि पुलिस ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सर्वेलन्स की मदद करके कौशिक पटेल भरत व्यास और दिव्येश पटेल को पकड़ लिया.

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