सूरत के सिविल अस्पताल से रेमडेसिविर इंजेक्शन के वितरण में परिवर्तन

सूरत सिविल अस्पताल में रेमडेसिविर इंजेक्शन पाने के लिए लगी लंबी कतार

शहर में निजि अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन वितरण व्यवस्था अभी तक सूचारू रुप से नही हो पायी इस दौरान जिला कलेक्टर ने और एक विवादास्पद आदेश जारी किया है जिससे समस्या और बढ़ने की उम्मीद है।

आज से निजि अस्पताल के कर्मचारीओं को ही मिलेगा रेमडेसिविर ,  मरीजों के संबंधियों की नही मिलेगा ‌इंजेक्शन 
सूरत शहर में कोरोना वायरस महामारी की परिस्थिति हररोज बिगडती जा रही है इस दौरान निजि अस्पतालों में कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शनक वितरण की व्यवस्था में लगातार परिवर्तन किया जा रहा है। अब जिलाधिश ने नई व्यवस्था के तहत निजि अस्पताल द्वारा ई मेल करके मरीज की जानकारी देने होगी और निजि अस्पताल के कर्मचारी को ही रेमडेशिविर इंजेक्शन दिया जायेगा। मरीज के संबंधि को इंजेक्शन नही देने का विवादास्पद निर्णय जिला कलेक्टर ने लिया है जिससे समस्या बडेगी।  
सूरत शहर के सरकारी सिविल अस्पताल और स्मीमेर अस्पताल में भर्ती मरीजों को सरकार निःशुल्क रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति कर रही है। शहर के निजि अस्पताल में भर्ती कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए सिविल अस्पताल में राहत दर पर रेमडेसिविर ‌इंजेक्शन वितरित किए जाते थे। वितरण व्यवस्था सुचारू रूप से न होने पर जिला कलेक्टर ने मंगलवार को नया परिपत्र जारी किया है। जिसमें निजि अस्पताल मरीज के संबंधियों को सिविल अस्पताल में न भेजे और निजि अस्पताल अपने इ मेल से जरूरी जानकारी का सुबह 8 से दोपहर 12 के दौरान मेल करे। इस मेल के आधार पर जांच करके जरूरत के अनुसार गंभीर मरीजों को अग्रता देते हुए जिन्हे इंजेक्शन आवंटित करने है उन अस्पतालों को मेल से सूचित किया जयेगा और उसी दिन शाम 5 से रात 8 बजे तक इंजेक्शन वितरीत होगे। इंजेक्शन लेने के लिए मेई की कोपी और निजि अस्पताल के चिक्तिसक का सही सिक्का वाला प्रमाण पत्र तथा अस्पताल के कर्मचारी का पहचान पत्र लेकर आना होगा। मरीज के संबंधि को सिविल अस्पताल में इंजेक्शन नही मिलेगा इस लिए वे अनावश्यक धक्का न खाए मात्र निजि अस्पतालों के कर्मचारीओं को ही इंजेक्शन दिए जायेगे। 
जिला कलेक्टर को शायद पता नही होगा की सूरत शहर में बडे अस्पतालों के सामने छोटे अस्पतालों की संख्या काफी ज्यादा है। निजि मगर छोटे अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की कमी होने के कारण चिकित्सक मरीजों के संबंधियों को ही इंजेक्शन लाने के लिए दबाव करते है। जिला कलेक्टर ने तो परिपत्र जारी कर दिया की बुधवार से मात्र अस्पताल के कर्मचारीओं के माध्यम से ही रेमडेसिविर इंजेक्शन वितरित होगा। अब ऐसी परिस्थिति में जिला कलेक्टर वितरण व्यवस्था सुधारने के बदले निजि अस्पतालों में चिकित्सा ले रहे मरीजों के संबंधियों की चिंता ज्यादा बडा दी है। क्योंकी निजि मेडिकल स्टोर्स पर रेमडेसिविर इंजेक्शन नही मिल रहे। जिला कलेक्टर शहर में रेमडेसिविर इंजेक्शन के वितरण व्यवस्था सुचारू रुप में अभी तक तैयार नही कर पाए। बुधवार से शहर में मरीजों के संबंधियों और निजि अस्पतालों के बिच संघर्ष बढ़ने की पुरी संभावना है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:


ये भी पढ़ें