बॉलीवुड : राष्ट्रीय सिनेमा दिवस के परिणाम ने खोली निर्माता-वितरकों की आंखें, अब आ रहा है सस्ती टिकट का चलन

प्रतिकात्मक तस्वीर (File Photo : IANS)

23 तारीख को राष्ट्रीय सिनेमा दिवस के अवसर पर 75 रुपये की फिल्म टिकट मूल्य योजना के दौरान दक्षिण भारत को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में 6.5 लाख दर्शकों ने फिल्म देखने का लुफ्त लुटाया

सिनेमाघरों में दर्शकों के लिए तरस रही बॉलीवुड की फिल्मों के बीच एक तरफ ब्रह्मास्त्र को अच्छी प्रतिक्रिया मिली. इसके बाद 23 सितंबर को राष्ट्रीय सिनेमा दिवस के अवसर पर 75 रुपये की फिल्म टिकट मूल्य योजना को देश भर के दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। उसके बाद फिल्म निर्माताओं और वितरकों की आंखें खुल गई हैं और अब नई फिल्मों की कीमतों में कमी का चलन शुरू हो गया है।

राष्ट्रीय सिनेमा दिवस पर बंपर भीड़


आपको बता दें कि 23 तारीख को राष्ट्रीय सिनेमा दिवस के अवसर पर 75 रुपये की फिल्म टिकट मूल्य योजना के दौरान दक्षिण भारत को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में 6.5 लाख दर्शकों ने फिल्म देखने का लुफ्त लुटाया।  इससे  मल्टीप्लेक्स प्रबंधकों को एक बात समझ में आईं है कि लोग फिल्में देखना चाहते हैं लेकिन मल्टीप्लेक्स के माध्यम से अंधाधुंध दाम वसूलने के कारण उन्हें थिएटर में आने से रोका जा रहा है। इसका कारण ये है कि इस दिन जितनी भीड़ थी वो बीते दो सालों में कभी भी देखने को नहीं मिली थी। 

नयी फिल्मों के लिए भी मिलेंगे सस्ते टिकट


गौरतलब है कि इन आँकड़ों केअब नई फिल्मों की टिकट कीमतों को कम रखने का चलन शुरू हो गया है। ब्रह्मास्त्र के निर्माताओं द्वारा सस्ते टिकट योजना को कुछ दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है और 100 रुपये के आधार मूल्य पर टिकट की पेशकश की जा रही है। उसके बाद 'विक्रम वेदा' के मेकर्स ने भी दर्शकों को सस्ते दामों में टिकट देने का ऐलान किया है। बॉलीवुड में ट्रेड सूत्रों के मुताबिक अगर टिकटों में कटौती का यह सिलसिला लंबे समय तक चलता रहा तो फिल्मों की प्रोडक्शन कॉस्ट और एक्टर्स को दी जाने वाली भारी फीस के मामले में आर्थिक समीकरण बदलने होंगे।

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