महेसाना : वाया कनाडा अमेरिका ले जाने का लालच देकर एजेंटों ने युवक को गोवा के जंगल में कैद कर लिया!

प्रतिकारात्मक तस्वीर

३१.५ लाख रुपये चुकाने के बाद किसी तरह छुटा युवक, पुलिस तफ्तीश में जुटी

आजकल विदेश जाने के लिए वीजा दिलवाने के बहाने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी हो रही है। गुजरात के मेहसाणा निवासी एक युवक के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ है। युवक को अमेरिका पढ़ाई के लिए जाने की चाहत थी और उसकी मुलाकात दो एजेंटों से हुई जिन्होंने उसे स्टूडेंट विजा पर कैनेडा और वहां से अमेरिका भेजने का आश्वासन दिया और उससे ₹25 लाख की व्यवस्था करने को कहा। युवक के माता-पिता ने भी बड़े उत्साह के साथ पैसों की व्यवस्था की और विदेश जाने की तैयारी में जुट गए। लेकिन यहीं से इस परिवार के साथ आपराधिक षड्यंत्र शुरू हुआ।
गांधीनगर के एजेंट और सोला क्षेत्र के गौरव बैंग्लोज में रहने वाले व्यक्ति ने उस युवक के माता-पिता से 25 लाख रुपए एडवांस ले लिए और युवक को कनाडा के बदले गोवा के पंजिम क्षेत्र के एक जंगल में ले गया। वहां उसे डुप्लेक्स घर में कैद कर लिया गया। एजेंटों द्वारा उस व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और उसके माता-पिता से वर्चुअल नंबर के मार्फत संपर्क करके और पैसे देने के लिए दबाव बनाया गया।
जानकारी के अनुसार एजेंटों ने युवक के माता-पिता से कुल 31.50 लाख रुपए ले लिए। उसके बाद उन्होंने उस युवक को अपनी कैद से मुक्त किया। इस घटना के बाद एजेंट और उसके सहायक भूमिगत हो गए। युवक ने अपने घर पहुंच कर अपने माता-पिता को पूरा किस्सा सुनाया तो सभी हतप्रभ रह गए। परिवार वालों ने तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विविध टीमें बनाई और आरोपियों की खोज में जुट गए। एजेंटों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया जिससे कि वे देशना छोड़ सकें।
आपको बता दें कि एक ऐसा ही मामला कुछ समय पहले गांधीनगर पुलिस फाइल में दर्ज हुआ था। उक्त मामले में गुजरात के ही 15 लोगों को विदेश जाने का लालच देकर अपहरण करके पश्चिम बंगाल ले जाया गया था और वहां बंधक बनाकर रखा गया था। नेपाल सीमा पर उन लोगों को बुरी तरह से टॉर्चर किया गया था। किसी प्रकार मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से संपर्क होने के बाद गांधीनगर पुलिस ने कार्रवाई की थी और दिल्ली पुलिस की मदद से सभी 15 लोगों को सकुशल छुड़ा लिया गया था।

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