सूरत में केन्द्र सरकार की गाईडलाईन के अनुसार रविवार को मात्र 19 हजार कोरोना वेक्सीन लगी

कोरोना वेक्सीन सेन्टर की जानकारी देते बोर्ड

रविवार को सूरत शहर में भारी मात्रा में कोरोना वेक्सीन सेन्टर कार्यरत किए गए थे मगर वेक्सीन आने में देरी और ४५ साल से अधिक उम्र वालों को ही टीका लगाने के कारण कई लोग वापस लौटे।

शुक्रवार और शनिवार को एक लाख से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगाया था  
सूरत शहर में कोरोना संक्रमण के आंकडों में हर रोज हो रही वृध्धि के सामने कोविड वेक्सीन लगाने की संख्या में काफी वृध्दि की गई थी। रविवार को केन्द्र सरकार की नई गाईडलाईन और शहर मे वेक्सीन के स्टॉक को ध्यान में रखते हुए मात्र 19 हजार लोगों को वेक्सीन लगाई गयी। 
सोमवार से शहर के सभी कोमर्शियल संस्थानों में दुकानदार , कर्मचारी या ग्राहक को कोरोना आरटी-पीसीआर टेस्ट का रिपोर्ट या कोविड वेक्सीन का  प्रमाणपत्र दिखाने के बाद ही प्रवेश दिया जायेगा। इससे पुर्व रविवार को र‌िंगरोड स्थित विभिन्न 26 टेक्सटाईल मार्केटों सहित शहर में कई स्थलों पर कोविड वेक्सीन सेन्टर कार्यरत किए गए थे। केन्द्र सरकार ने रविवार को नई गाईडलाईन जारी करते हुए फ्रन्टलाईन कोरोना वोरियर्स और हेल्थ केयर वर्कस केटेगरी में वेक्सीन रजिस्ट्रेशन बंद किया गया। मात्र 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को ही कोरोना का टीका लगाया गया। इस लिए रविवार को कई लोग वेक्सीन सेन्टर से बिना वेक्सीन लगाए ही वापस लौटे। 
शहर मे एक अप्रैल 2021 को 28875 लोगों को कोरोना वेक्सीन लगाई गई। दो अप्रैल को सूरत महानगरपालिका क्षेत्र में एक दिन में सबसे अधिक 57040 लोगों को कोरोना वेक्सीन लगाई गई। तीन अप्रैल को 54828 लोगों को कोरोना का टिका लगाया गया। रविवार चार अप्रैल 2021 को सूरत शहर में मात्र 19668 लोगों के वेक्सीन लगाई गई। 
शहर की 26 मार्केटों में रविवार को वेक्सीन सेन्टर कार्यरत किए थे जहां पर 45 साल से कम उम्र वाले लोगों को कोरोना वेक्सीन का रजिस्ट्रेशन नही हो पाया। 45 साल से अधिक उम्र वाले लोगों को ही कोरोना वेक्सीन लगाई गई। 
सूत्रों से मिली जानकरी के अनुसार शुक्रवार और शनिवार को दो दिनों मे शहर में एक लाख से अधिक लोगों को कोरोना की वेक्सीन लगाई गई। रविवार को महानगरपालिका के विभिन्न वेक्सीन सेन्टर पर वेक्सीन की शोर्टेज की बाते सामने आयी। प्रशासन ने कहा की वेक्सीन का नया स्टोक मंगवाया है। रविवार को फ्रन्ट लाईन कोरोना वोरियर्स और हेल्थ केयर वर्कस के कोटों में जो रजिस्ट्रेशन होते थे वह बंद होने जाने से भी कम लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ। 

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