होम लोन: घर खरीदने पर आयकर में मिलेगा लाभ पर इसके साथ जुडी है ये शर्त

होम लोन पर लिया घर 5 साल के भीतर बेचते हैं, तो आपको नहीं मिलेगा ये लाभ

पुरानी कर प्रणाली के तहत वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक वाला वेतनभोगी आयकर के दायरे में आता है। हालांकि, विभिन्न माध्यम से 5 लाख रुपये तक की आयकर से मुक्ति मिल सकती है। आयकर कानून व्यक्तिगत करदाताओं और कंपनियों को कई तरह से कर छूट प्राप्त करने की अनुमति देता है। इसमें होम लोन के जरिए आप कई सेक्शन के तहत टैक्स बचा सकते हैं। आयकर अधिनियम की धारा-८०सी के तहत होम लोन की मूल राशि के भुगतान कर डेढ़ लाख रुपये तक की कर छूट का दावा किया जा सकता है। हालांकि, इसके साथ एक शर्त भी है, जिसके तहत अगर आप होम लोन पर लिया घर 5 साल के भीतर बेचते हैं, तो आपको नुकसान होगा।
आपको बता दें कि घर या फ्लैट खरीदना न केवल एक बड़ा निवेश है, बल्कि आयकर के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। पुराना घर बेचने और नया घर खरीदने के बीच का लंबा समय आपकी टैक्स देनदारी बढ़ा सकता है। वहीं, नया घर खरीदने के तुरंत बाद उसे बेचने से आपकी टैक्स देनदारी भी बढ़ सकती है। गृह ऋण के माध्यम से कर बचत का पूरा लाभ प्राप्त करने के लिए गृह ऋण लेने के वित्तीय वर्ष की समाप्ति से 5 वर्षों के भीतर संपत्ति का निर्माण भी पूरा करने की आवश्यकता है। जबकि, अगर संपत्ति 5 साल में हस्तांतरित या बेची जाती है, तो दावा की गई कर कटौती बिक्री के वर्ष में आपकी आय में जोड़ दी जाएगी। तब आपके मौजूदा टैक्स स्लैब के अनुसार आयकर लगाया जाएगा। सीधे शब्दों में कहें, अगर आप 5 साल में कोई संपत्ति बेचते हैं, तो आपको टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलता है और देनदारी बढ़ जाती है।
आपको बता दें कि घर खरीदने पर होम लोन ईएमआई पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है। आप ईएमआई में मूल राशि स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क सहित के एक हिस्से पर 80सी के तहत कर छूट प्राप्त कर सकते हैं। होम लोन पर ब्याज निर्माण से पहले ब्याज और निर्माण के बाद ब्याज जैसी दो श्रेणियों में बांटा गया है। सेक्शन 24बी के तहत कंस्ट्रक्शन पूरा होने के बाद चुकाए गए ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। इस छूट का दावा उस वर्ष से किया जा सकता है, जिस वर्ष से मकान बनकर तैयार हो गया है। हालांकि, ज्यादातर लोग निर्माणाधीन संपत्तियों के लिए होम लोन लेते हैं। काम पूरा होने के बाद वे उस पर पजेशन लेते हैं। लेकिन, लोन लेने के तुरंत बाद होम लोन का भुगतान शुरू हो जाता है। ऐसे व्यक्तियों को धारा 24बी के तहत निर्माण पूरा होने से पहले 5 साल तक के ब्याज पर 5 साल तक की छूट दी जा सकती है। अगर कोई खरीदार अफोर्डेबल हाउसिंग कैटेगरी के तहत घर खरीदता है तो वह 3.5 लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकता है।
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