डॉ. मावलंकर ने दी कोरोना काल में AC का कम इस्तेमाल करने की सलाह, जानें आखिर क्या है वज़ह

डॉ. मावलंकर ने दी कोरोना काल में AC का कम इस्तेमाल करने की सलाह, जानें आखिर क्या है वज़ह

दूसरी लहर से बचने के लिए करना होगा इस सूत्र का अमल

राज्य भर में कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे है। सरकार द्वारा लगातार संक्रमण कम करने के लिए मास्क और सामाजिक दूरी के नियमों को सख्त तौर पर अमल करने की सलाह दी है। इसी बीच लोगों को कोविड के बारे में अधिक जागरूक करने के लिए विश्वप्रसिद्द कार्डियोलोजिस्ट और पद्मश्री डॉ. तेजस पटेल, इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ (गांधीनगर) के डायरेक्टर डॉ. दिलीप मावलंकर, झायडस अस्पताल (अहमदाबाद) के डायाबेटोलोजिस्ट डॉ. वी. एन. शाह और अन्य कई विशेषज्ञों ने अलग-अलग विषयों पर जानकारी दी थी।
इसमें पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट के नियामक और कोविड टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. दिलीप मावलंकर ने कहा कि कोरोना से बचने के लिए हमने SMS ( सैनीटाईजेशन, मास्क और सोशल डिस्टन्स) और TTT ( टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट) के बाद अब 3V ( वैक्सीन, वेंटीलेशन और वलनरेबल केर) के सूत्र को अपनाना पड़ेगा। उन्होंने कहा की कोरोना से लड़ने में सबसे ज्यादा उपयोगी है वेंटीलेशन, जिसे हम भूल रहे है। संक्रमण से बचने के लिए हमें AC का इस्तेमाल भी कम करना होगा। 
आगे बात करते हुये डॉ. दिलीप मावलंकर ने कहा कि कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन, वैक्सीन लेने के बाद भी संक्रमित होना और एकबार कोविड संक्रमित होने के बाद फिर से संक्रमित होना, जैसी कई चीजों के बारे में अभी भी संशोधन हो रहा है। जिस बारे में भारत और विश्व के अन्य वैज्ञानिक संशोधन कर रहे है। आगे उन्होंने कहा कि युवाओ सहित सभी को जरूरी ना हो ऐसे प्रवास टालने चाहिए। क्योंकि दूसरे चरण में पहले चरण के मुक़ाबले 3 गुना तेजी से संक्रमण बढ़ रहा है। 
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ड्रग्स सप्लाय चैन मेनेजमेंट और लोजीस्टिक का मेनेजमेंट कर के हम सभी मरीजों के इलाज को सुलभ कर पाएंगे। इसके अलावा संचार माध्यमों को भी उन्होंने कोरोना संक्रमण के बारे में जागरूक करने के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण माध्यम बताया है। 

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