बरुईपुर हिंसा के बाद ममता बनर्जी की सुरक्षा पर सियासत तेज; टीएमसी ने लगाया हाउस अरेस्ट का आरोप, बीजेपी ने बताया ड्रामा

बरुईपुर हिंसा के बाद ममता बनर्जी की सुरक्षा पर सियासत तेज; टीएमसी ने लगाया हाउस अरेस्ट का आरोप, बीजेपी ने बताया ड्रामा

कोलकाता, 06 जुलाई (वेब वार्ता)। दक्षिण 24 परगना के बरुईपुर में एक 12 वर्षीय नाबालिग के साथ हुई वीभत्स घटना के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि जब वह पीड़ित परिवार से मिलने के लिए अपने कालीघाट स्थित घर से निकलना चाह रही थीं, तो पुलिस ने उन्हें घर पर ही रोक दिया।

ममता ने इसे ‘हाउस अरेस्ट’ करार देते हुए प्रशासन पर सवाल उठाए और पूछा कि उनके घर के बाहर अचानक भारी सुरक्षा बल तैनात करके उन्हें क्यों डराया जा रहा है।

बीजेपी ने बताया राजनीतिक स्टंट

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। राज्य बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने इसे तृणमूल कांग्रेस का एक और ‘ड्रामा’ करार दिया। बीजेपी का कहना है कि ममता बनर्जी को जेड-प्लस सुरक्षा मिली हुई है और प्रशासन ने उन्हें कभी भी घर से बाहर निकलने से नहीं रोका। पार्टी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस केवल अपनी खोई हुई प्रासंगिकता वापस पाने के लिए झूठा सहानुभूति कार्ड खेल रही है।

बरुईपुर में तनाव और कानून-व्यवस्था

बरुईपुर में नाबालिग के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है। रविवार सुबह तालाब में शव मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया। इस दौरान भीड़ ने एक संदिग्ध की भी पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस वाहन में तोड़फोड़ और हिंसा भी हुई है, जिसके चलते पूरे इलाके में तनाव बना हुआ है और पुलिस ने मामले में गिरफ्तारियां शुरू कर दी हैं।