भारत-अमेरिका ऐतिहासिक व्यापार समझौते के करीब, ‘मिशन 500’ के तहत 2030 तक 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य

भारत-अमेरिका ऐतिहासिक व्यापार समझौते के करीब, ‘मिशन 500’ के तहत 2030 तक 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य

नई दिल्ली, 24 जून (वेब वार्ता)। भारत और अमेरिका एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी बेथनी पोलोस मॉरिसन ने ‘मिशन 500’ की घोषणा करते हुए बताया कि दोनों देशों का लक्ष्य वर्ष 2030 तक व्यापार को 500 अरब डॉलर के पार ले जाना है। यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक नया स्वर्णिम अध्याय साबित होगा।

प्रमुख रणनीतिक और आर्थिक बिंदु

समझौते के तहत भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद, विमान, कीमती धातुएं और आधुनिक तकनीकी उत्पादों की बड़ी खरीद करेगा। दोनों देशों के बीच हाइड्रोकार्बन व्यापार में पहले ही तेजी आई है और नागरिक परमाणु सहयोग पर भी चर्चा चल रही है। साथ ही, भारतीय कंपनियों द्वारा अमेरिका में 20 अरब डॉलर का ऐतिहासिक निवेश किया गया है।

अंतिम चरण में गहन वार्ताएं

अमेरिकी टैरिफ नीतियों में बदलाव के मद्देनजर, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के बीच नई दिल्ली में अंतिम दौर की बातचीत जारी है। दोनों पक्षों का प्रयास है कि 24 जुलाई से पहले अंतरिम व्यापार समझौता लागू हो जाए। व्यापार के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र में 3.30 लाख भारतीय छात्रों की उपस्थिति भी इस रिश्ते को निरंतर मजबूती प्रदान कर रही है।