केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन का मंत्रिपरिषद से इस्तीफा, राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने दी इस्तीफे को मंजूरी
नई दिल्ली, 23 जून (वेब वार्ता)। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा का अपना कार्यकाल समाप्त होने के उपरांत मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। वे केंद्र सरकार में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय का दायित्व भी संभाल रहे थे।
भाजपा का निर्णय और कार्यकाल
जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 21 जून को पूर्ण हो गया था। भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में उन्हें दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाने का निर्णय लिया था, जिसके बाद यह प्रक्रिया पूरी हुई। कुरियन 1980 से भाजपा से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
एक समर्पित राजनीतिक सफर
केरल के कोट्टायम में जन्मे जॉर्ज कुरियन पेशे से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हैं। अगस्त 2024 में मध्य प्रदेश की रिक्त सीट से राज्यसभा के लिए चुने गए कुरियन को ईसाई समुदाय का प्रमुख चेहरा माना जाता था। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यशैली ने उन्हें केंद्र सरकार में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिलाई थी। अब उनके इस्तीफे के साथ ही सरकार में नई नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
