वडोदरा : मंडल रेल प्रबंधक राजू भडके ने वडोदरा यार्ड रीमॉडलिंग का किया निरीक्षण

22 डिब्बों की ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म 4 और 5 का होगा विस्तार, हाई स्पीड रेल स्टेशन से जुड़ेगा नया प्लेटफॉर्म-7; आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी रेल व्यवस्था

वडोदरा : मंडल रेल प्रबंधक राजू भडके ने वडोदरा यार्ड रीमॉडलिंग का किया निरीक्षण

पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजू भडके के नेतृत्व में वडोदरा स्टेशन पर व्यापक यार्ड रीमॉडलिंग एवं ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण का कार्य प्रगति पर है। मंडल रेल प्रबंधक राजू भडके ने वडोदरा स्टेशन का दौरा कर इंफ़्रा के इस महत्वपूर्ण कार्य का वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।

श्री भडके ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य परिचालन संरक्षा में वृद्धि, लाइन एवं प्लेटफॉर्म क्षमता का विस्तार, ट्रेन संचालन दक्षता में सुधार तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। साथ ही, भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्टेशन के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है। यह आधारभूत संरचना विकास पहल भविष्य में बढ़ने वाले यातायात भार को संभालने की वडोदरा स्टेशन की क्षमता को मजबूत करेगी तथा लाखों रेल यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुगम एवं कुशल यात्रा सुनिश्चित करेगी।

VDU आधारित प्रणाली से ट्रेन संचालन का आधुनिकीकरण

यार्ड रीमॉडलिंग परियोजना के अंतर्गत वडोदरा स्टेशन की वर्तमान पारंपरिक पैनल-आधारित प्रणाली को आधुनिक विजुअल डिस्प्ले यूनिट (VDU) आधारित प्रणाली से प्रतिस्थापित किया जा रहा है। यह नई प्रणाली ट्रेन संचालन की निगरानी एवं नियंत्रण को अधिक तेज, सुविधाजनक एवं विश्वसनीय बनाएगी। VDU प्रणाली कंप्यूटर स्क्रीन पर सिग्नलिंग एवं रूट संबंधी जानकारी को स्पष्ट एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल स्वरूप में प्रदर्शित करती है, जिससे स्टेशन परिचालन कर्मचारियों को बेहतर दृश्यता, त्वरित रूट सेटिंग तथा शीघ्र निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। यह प्रणाली मानवीय त्रुटियों की संभावना को कम करेगी, तकनीकी खामियों की पहचान को आसान बनाएगी तथा परिचालन संरक्षा एवं दक्षता में उल्लेखनीय सुधार लाएगी।

संरक्षा एवं विश्वसनीयता बढ़ाने हेतु डबल स्लिप डायमंड क्रॉसिंग को हटाया जाएगा

संरक्षा को और अधिक मजबूत करने तथा परिचालन को सरल बनाने के लिए मौजूदा डबल स्लिप डायमंड क्रॉसिंग को हटाया जाएगा। यह जटिल ट्रैक संरचना ट्रेनों को एक ही स्थान पर ट्रैक पार करने और मार्ग बदलने की सुविधा प्रदान करती है, लेकिन इसमें अनेक चलित घटक होते हैं, जिनके रखरखाव की आवश्यकता अधिक होती है तथा गति संबंधी प्रतिबंध भी लागू रहते हैं। इसके हटने से ट्रैक संरचना सरल होगी, विश्वसनीयता बढ़ेगी, रखरखाव की आवश्यकता कम होगी तथा स्टेशन यार्ड में ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगी।

प्लेटफॉर्म संख्या 4 एवं 5 की लंबाई बढ़ाकर इन्हें 22 एलएचबी कोचों वाली ट्रेनों के संचालन हेतु सक्षम बनाया जा रहा है। इस विस्तार से लंबी दूरी की ट्रेनों के सभी कोच प्लेटफॉर्म सीमा के भीतर रहेंगे, जिससे यात्रियों के चढ़ने एवं उतरने की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। साथ ही, भविष्य में बढ़ने वाली यात्री संख्या को ध्यान में रखते हुए लंबी ट्रेनों के संचालन में भी सुविधा मिलेगी।

प्लेटफॉर्म संख्या 5 एवं 6 की बेहतर कनेक्टिविटी

प्लेटफार्म नंबर 5 एवं 6 की रेल लाइन को  सीधे मुख्य लाइन से जोड़ा जाएगा, जिससे अनुमत गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़कर 30 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी। इस सुधार से डाउन ट्रेनों की प्राप्ति में लगने वाला समय कम होगा तथा परिचालन दक्षता, ट्रेन हैंडलिंग क्षमता एवं समयपालन में सुधार आएगा। लूप लाइन संख्या 04 एवं 05 पर अनुमत गति 10 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़ाकर 15 किलोमीटर प्रति घंटा की जाएगी। इससे यार्ड के भीतर ट्रेनों की आवाजाही अधिक तेज एवं सुगम होगी तथा यार्ड संचालन की दक्षता में वृद्धि होगी।

नई स्टेबलिंग लाइन का निर्माण

परियोजना के अंतर्गत 350 मीटर लंबी नई स्टेबलिंग लाइन का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे ट्रेनों के ठहराव एवं रखरखाव कार्यों में सुविधा होगी। यह अतिरिक्त सुविधा ट्रेनों के रेकों की पार्किंग एवं रखरखाव क्षमता बढ़ाएगी, परिचालन लाइनों एवं प्लेटफॉर्मों पर भीड़भाड़ कम करेगी तथा रेक प्रबंधन, सफाई एवं अनुरक्षण कार्यों को अधिक प्रभावी बनाएगी। परिचालन प्रबंधन एवं कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए आधुनिक सुविधाओं, समर्पित कार्यस्थलों एवं भंडारण व्यवस्था से युक्त नया स्टेशन मास्टर कार्यालय भी बनाया जाएगा।

मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने हेतु नया प्लेटफॉर्म संख्या 7

भविष्य की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, NHSRCL द्वारा हाई स्पीड रेल स्टेशन भवन के निकट भारतीय रेलवे के लिए लगभग रु.15 करोड़ की लागत से प्लेटफॉर्म संख्या 7 का निर्माण किया जाएगा। इस कार्य हेतु निविदा आमंत्रण सूचना (NIT) जारी की जा चुकी है तथा निविदा 23 जुलाई 2026 को खोली जाएगी। प्रस्तावित प्लेटफॉर्म संख्या 7 को ट्रैवलेटर के माध्यम से वडोदरा रेलवे स्टेशन से सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को दोनों परिसरों के बीच सहज आवागमन की सुविधा मिलेगी। यह आगामी हाई-स्पीड रेल स्टेशन के साथ प्रभावी एकीकरण सुनिश्चित करेगा तथा यात्रियों को बेहतर मल्टीमॉडल यात्रा अनुभव प्रदान करेगा। यह प्लेटफॉर्म भारतीय रेलवे के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा तथा इसमें प्लेटफॉर्म शेल्टर, पेयजल सुविधा, प्रतीक्षालय, शौचालय एवं टिकट बुकिंग काउंटर सहित सभी आवश्यक यात्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

 विकास एवं आधुनिकीकरण का यह कार्य पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल की सुरक्षित, आधुनिक एवं यात्री-केंद्रित रेल सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है। परियोजना पूर्ण होने पर परिचालन गति, संरक्षा, क्षमता, विश्वसनीयता एवं यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा वडोदरा स्टेशन एक अधिक सक्षम, आधुनिक एवं भविष्य के लिए तैयार रेलवे हब के रूप में विकसित होगा।

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