वडोदरा :  पश्चिम रेलवे के छह रेलकर्मी महाप्रबंधक संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित

मुंबई सेंट्रल, वडोदरा, अहमदाबाद एवं राजकोट मंडलों के कर्मचारियों को मिला महाप्रबंधक संरक्षा पुरस्कार

वडोदरा :  पश्चिम रेलवे के छह रेलकर्मी महाप्रबंधक संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित

पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्‍डेय ने मुंबई स्थित पश्चिम रेलवे मुख्यालय में आयोजित समारोह में अप्रैल 2026 के लिए छह रेलकर्मियों को महाप्रबंधक के "मैन ऑफ द मंथ" संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया। इन कर्मचारियों को उनकी असाधारण सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा एवं समर्पण के लिए सम्मानित किया गया, जिनके कारण संभावित अप्रिय घटनाओं को टाला जा सका तथा सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित हुआ। पुरस्कार प्राप्त करने रेलकर्मियों में मुंबई सेंट्रल एवं वडोदरा मंडल के दो-दो तथा अहमदाबाद एवं राजकोट मंडल के एक-एक कर्मचारी शामिल हैं।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुंबई सेंट्रल मंडल के दो कर्मचारियों, विकास कुमार, गुड्स ट्रेन मैनेजर तथा संजय कुमार, फिटर को उनकी असाधारण सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई के लिए सम्मानित किया गया।

विकास कुमार की कर्तव्यनिष्ठा एवं सतर्कता का एक उल्लेखनीय उदाहरण उस समय सामने आया जब वे भुसावल स्टेशन पर एक मालगाड़ी का चार्ज ले रहे थे। ट्रेन की जांच के दौरान उन्होंने कोयले से लदे एक वैगन से धुआं निकलते हुए देखा और तत्काल संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी। उन्होंने प्रभावित वैगन को ट्रेन से अलग करने का सुझाव दिया तथा आग बुझाने के कार्य में सक्रिय रूप से सहयोग भी किया। उनकी समय पर की गई कार्रवाई से आग पूरे रैक में फैलने से रुक गई, जिससे रेलवे की बहुमूल्य संपत्ति सुरक्षित रही और एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

इसी प्रकार, संजय कुमार ने वसई रोड स्टेशन पर एक मालगाड़ी की रोलिंग-इन जांच के दौरान एक वैगन के पहियों से असामान्य आवाज़ सुनी। आगे की जांच में पहियों में गंभीर दोष एवं फ्लैट स्पॉट पाए गए। तत्परता से उस वैगन को सिक घोषित किया गया तथा उसके दोषपूर्ण पहियों को बदल दिया गया। उनकी सतर्कता से संभावित दुर्घटना टल गई और सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित हुआ।

अन्य मंडलों के कर्मचारियों को भी उनकी सूझबूझ, सतर्कता एवं संरक्षा संबंधी जोखिमों की समय रहते पहचान कर त्वरित कार्रवाई करने के लिए सम्मानित किया गया। उनके सराहनीय कार्यों में संरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना, समय रहते कार्रवाई कर ओवरहेड उपकरणों को क्षति से बचाना, रोलिंग स्टॉक में गंभीर तकनीकी दोषों का पता लगाना तथा ट्रैक निरीक्षण के दौरान रेल फ्रैक्चर की पहचान करना शामिल है। उनकी त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई ने पश्चिम रेलवे के विभिन्न मंडलों में सुरक्षित रेल परिचालन बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

पश्चिम रेलवे सभी पुरस्कार विजेताओं की कर्तव्यनिष्ठा, व्यावसायिक दक्षता एवं संरक्षा के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता की सराहना करती है। उनके सराहनीय प्रयासों से न केवल संभावित अप्रिय घटनाओं को टाला जा सका, बल्कि सुरक्षित एवं विश्वसनीय रेल परिचालन सुनिश्चित करने के प्रति पश्चिम रेलवे की अटूट प्रतिबद्धता भी और अधिक सुदृढ़ हुई है। उनके उत्कृष्ट कार्य सभी रेल कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

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