सूरत एक शहर नहीं, एक ‘स्पिरिट’ है; जनता एक कदम चलेगी तो मैं तीन कदम चलूंगा-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

विश्व पर्यावरण दिवस पर सूरत को सराहा, एक लाख से अधिक लोगों के स्वच्छता अभियान की प्रशंसा; हजीरा को आत्मनिर्भर भारत का मॉडल बताया

सूरत एक शहर नहीं, एक ‘स्पिरिट’ है; जनता एक कदम चलेगी तो मैं तीन कदम चलूंगा-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

सूरत। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सूरत के इंडोर स्टेडियम में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत को केवल एक शहर नहीं, बल्कि एक “स्पिरिट” बताते हुए यहां के नागरिकों की जागरूकता, स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता और विकास यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि सूरत ने विकास, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में देश के सामने एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

अपने संबोधन की शुरुआत “आप सब कैसे हैं? सूरत मज़ामा?” से करते हुए प्रधानमंत्री ने उपस्थित जनसमूह का अभिवादन किया। उन्होंने हाल ही में दिवंगत हुए डॉ. कनु मावाणी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपना एक पुराना और विश्वसनीय साथी खो दिया है। प्रधानमंत्री ने उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए भावनात्मक शब्दों में श्रद्धांजलि दी।

स्वच्छता अभियान को बताया ‘कचरे का अनमोल उपहार’

प्रधानमंत्री ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सूरत में आयोजित विभिन्न पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों, स्वच्छता अभियानों, रंगोली, जन-जागरूकता गतिविधियों और वृक्षारोपण कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सूरत के लोगों ने उन्हें “कचरे का उपहार” दिया है, क्योंकि एक लाख से अधिक नागरिकों ने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए सामूहिक रूप से सफाई अभियान में भाग लिया। उन्होंने इसे नागरिक जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

प्राकृतिक खेती और हरित विकास पर जोर

प्रधानमंत्री ने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया हरित विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है और भारत को इस परिवर्तन का नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय बताते हुए जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

सूरत की पर्यावरणीय पहलों की सराहना

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात ने वर्षों पहले जलवायु परिवर्तन के लिए अलग विभाग बनाकर दूरदर्शी पहल की थी। उन्होंने सूरत में संचालित जल पुनर्चक्रण और उपचार परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के पुनः उपयोग के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हजीरा क्षेत्र की उद्योग इकाइयाँ ग्रीन स्टील उत्पादन और हरित ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

हजीरा बना आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक

प्रधानमंत्री ने हजीरा को आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा का एक सफल मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, इस्पात, विनिर्माण और समुद्री गतिविधियों के क्षेत्र में हजीरा राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां विकसित हो रही औद्योगिक क्षमता देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

विकास और कनेक्टिविटी पर विशेष जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के विकास की आधारशिला है। उन्होंने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे सहित विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्ग और आधारभूत संरचना परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे दक्षिण गुजरात और पूरे राज्य को व्यापक लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेंगी।

विपक्ष पर साधा निशाना

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता अब विकास, स्थिरता और सकारात्मक राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि जनता अराजकता और अनिश्चितता की राजनीति को स्वीकार नहीं करती। हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिले समर्थन का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे जनता के विश्वास का प्रमाण बताया।

“जनता एक कदम चलेगी तो मैं तीन कदम चलूंगा”

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और विकास के अभियानों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा, “अगर जनता एक कदम चलेगी, तो मैं तीन कदम चलूंगा।” इसी संदेश के साथ उन्होंने सूरतवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपना संबोधन समाप्त किया।