सूरत : महाराजा अग्रसेन कंप्यूटर सेंटर बनेगा AI एवं स्किल डेवलपमेंट हब, जुलाई से नए स्वरूप में होगी शुरुआत
कंप्यूटर शिक्षा के साथ AI, डिजिटल स्किल्स और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण पर रहेगा फोकस; अधिकांश कोर्स होंगे निःशुल्क या न्यूनतम शुल्क पर
सूरत। वर्ष 2002 से समाज के विद्यार्थियों और युवाओं को कंप्यूटर शिक्षा प्रदान कर रहा महाराजा अग्रसेन कंप्यूटर सेंटर अब आधुनिक तकनीकों के अनुरूप एक नए स्वरूप में विकसित होने जा रहा है।
बदलती तकनीकी आवश्यकताओं और रोजगार के नए अवसरों को ध्यान में रखते हुए केंद्र को AI एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है।
हाल ही में आयोजित संस्थान के विशेष सहयोगी कार्यकर्ताओं की बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में संस्थापक रमेश लोहिया सहित रमेश चौकड़ीका, आकाश अग्रवाल, गिरधारी चौकड़ीका, जगमोहन जालान, सुभाष मित्तल और श्रीराम बिदावतका उपस्थित रहे।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि महाराजा अग्रसेन कंप्यूटर एवं AI स्किल सेंटर को नए स्वरूप में प्रारंभ करने की योजना पर तत्काल कार्य शुरू किया जाए तथा जुलाई 2026 से इसकी शुरुआत का लक्ष्य रखा जाए।
संस्थान के संस्थापक रमेश लोहिया ने बताया कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और डिजिटल तकनीकें शिक्षा, व्यापार, उद्योग तथा रोजगार के क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रही हैं। ऐसे में केवल पारंपरिक कंप्यूटर शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना भी आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि केंद्र में कंप्यूटर बेसिक्स, अकाउंटिंग, इंटरनेट, ग्राफिक डिजाइन, AI टूल्स, डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन कार्य अवसरों और अन्य आधुनिक कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। विशेष रूप से AI के व्यावहारिक उपयोग पर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम और अल्पकालीन कोर्स संचालित किए जाएंगे।
इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी, व्यापारी, कर्मचारी, गृहिणियां और युवा अपने दैनिक कार्यों को अधिक सरल, तेज और प्रभावी ढंग से करना सीख सकेंगे। प्रशिक्षण में लेखन, डिजाइन, प्रस्तुतीकरण, डेटा विश्लेषण, कार्यालय प्रबंधन, व्यवसाय संचालन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में AI के उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
रमेश लोहिया ने कहा कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक तकनीकी शिक्षा पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से अधिकांश पाठ्यक्रम पूर्णतः निःशुल्क अथवा न्यूनतम शुल्क पर संचालित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थी, महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवा भी इनका लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा, “समय की मांग है कि हम नई तकनीकों को अपनाएं, स्वयं को लगातार अपडेट रखें और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहें।”
महाराजा अग्रसेन कंप्यूटर सेंटर का यह नया स्वरूप युवाओं के लिए ज्ञान, कौशल और रोजगार के अवसरों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
