सूरत : नगर निगम शिक्षा समिति में जगह पाने की होड़ तेज, दावेदारों की लॉबिंग गांधीनगर तक पहुंची
12 सीटों के लिए 240 से अधिक दावेदार मैदान में, सदस्य और पदाधिकारी राज्य नेतृत्व करेगा तय
सूरत । भारतीय जनता पार्टी को सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव में रिकॉर्ड 115 सीटों की जीत मिलने के बाद अब नगर निगम की शिक्षा समिति के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इस बार शिक्षा समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन ही नहीं, बल्कि सभी 12 सदस्यों के नाम भी सीधे राज्य और क्षेत्रीय नेतृत्व द्वारा तय किए जाने की चर्चा है। ऐसे में शहर भाजपा की भूमिका केवल दावेदारों के बायोडाटा एकत्र करने तक सीमित मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा समिति में सदस्य बनने के लिए भाजपा में भारी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। केवल 12 सीटों के लिए 240 से अधिक दावेदारों ने अपनी दावेदारी पेश की है। इससे संगठन के भीतर लॉबिंग, राजनीतिक समीकरण और संपर्क अभियान तेज हो गए हैं।
नगर निगम की शिक्षा समिति को काफी प्रभावशाली माना जाता है, क्योंकि इसके पास एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट होता है।
नगर निगम स्कूलों के संचालन, शिक्षा बजट, शिक्षकों की भर्ती, नए स्कूलों की मंजूरी और शैक्षणिक नीतियों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय इसी समिति के माध्यम से लिए जाते हैं। यही वजह है कि समिति में स्थान पाने को लेकर पार्षदों और पार्टी कार्यकर्ताओं में खास उत्साह देखा जा रहा है।
सूरत नगर निगम की कुल 120 सीटों में से भाजपा के पास 115 सीटें होने के कारण यह लगभग तय माना जा रहा है कि शिक्षा समिति में विपक्ष का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं होगा। ऐसे में मुकाबला पूरी तरह भाजपा के भीतर ही केंद्रित हो गया है।
जानकारी के मुताबिक, हाल ही में मेयर, डिप्टी मेयर और अन्य पदाधिकारियों के चयन के लिए आई निरीक्षण टीम ने शिक्षा समिति के संभावित दावेदारों को लेकर भी रायशुमारी और सेंसिंग प्रक्रिया पूरी की थी। इसके बाद अब यह चर्चा तेज हो गई है कि समिति के सदस्यों और पदाधिकारियों के नामों की अंतिम घोषणा सीधे गांधीनगर स्तर से की जाएगी।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कई दावेदार राज्य नेतृत्व तक पहुंच बनाकर अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं। वहीं शहर भाजपा संगठन फिलहाल सभी इच्छुक नेताओं और कार्यकर्ताओं के बायोडाटा एकत्र कर राज्य नेतृत्व को भेजने की प्रक्रिया में लगा हुआ है।
