सूरत : सूरत स्टार्टअप समिट 2026 में फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स ने दिए निवेश के अहम मंत्र

“सब्र और अनुशासन से 4 से 4.5 साल में दोगुना हो सकता है निवेश”, उभरते सेक्टर्स में बड़े रिटर्न की संभावना

सूरत : सूरत स्टार्टअप समिट 2026 में फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स ने दिए निवेश के अहम मंत्र

सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) द्वारा सरसाना स्थित इंटरनेशनल एग्ज़िबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘सूरत स्टार्टअप समिट 2026’ के तीसरे संस्करण के पहले दिन निवेश, स्टार्टअप और भविष्य की अर्थव्यवस्था को लेकर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

तीन मेगा एग्ज़िबिशन और स्टार्टअप समिट सहित कुल चार बड़े आयोजनों को शहर में शानदार प्रतिसाद मिल रहा है। समिट के दौरान “पावर, प्रॉफिट और नजरिया: बदलते मार्केट में वेल्थ बनाना” विषय पर आयोजित विशेष सेमिनार में देश के प्रमुख वित्तीय विशेषज्ञों ने निवेशकों और युवा उद्यमियों को भविष्य की रणनीतियों से अवगत कराया।

भारत की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत: समीर नारायण

बिड़ला PMS के CIO श्री समीर नारायण ने कहा कि भारत की मूल अर्थव्यवस्था पिछले तीन दशकों से लगातार 10 से 11 प्रतिशत वार्षिक दर से आगे बढ़ रही है, जो वैश्विक स्तर पर देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाती है।

उन्होंने निवेशकों को मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर निवेश के तीन प्रमुख विकल्पों के बारे में जानकारी दी—

लार्ज कैप स्टॉक्स : औसतन 11-12 प्रतिशत स्थिर रिटर्न
मिड कैप स्टॉक्स : करीब 13-14 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि
स्मॉल कैप स्टॉक्स : अधिक जोखिम के साथ 16-17 प्रतिशत तक संभावित रिटर्न

समीर नारायण ने कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है, लेकिन यदि निवेशक धैर्य और अनुशासन बनाए रखें तो उनका निवेश 4 से 4.5 वर्षों में दोगुना हो सकता है।

अगले दशक में इन सेक्टर्स में बड़ी संभावनाएं

फिनावेन्यू-AIF के संस्थापक श्री अभिषेक जायसवाल ने अगले दशक के निवेश रुझानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पावर एवं मैन्युफैक्चरिंग, कैपिटल गुड्स और स्पेशलिटी केमिकल्स सेक्टर आने वाले वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था की अगुवाई करेंगे।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में अगले 10 वर्षों तक लगभग 25 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न देने की मजबूत संभावना है। हालांकि उन्होंने निवेशकों को यह भी सलाह दी कि निवेश करते समय बाजार की वोलैटिलिटी और लिक्विडिटी जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।

स्टार्टअप्स में सिर्फ निवेश नहीं, मार्गदर्शन भी जरूरी

स्टार्टअप इन्वेस्टर गौरव जुनेजा ने स्टार्टअप इकोसिस्टम पर बोलते हुए कहा कि बिना समझे-बूझे स्टार्टअप्स में किया गया निवेश अपेक्षित परिणाम नहीं देता। उन्होंने “ग्रोथ कैपिटल” की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि निवेशकों को केवल पैसा लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्टार्टअप की रणनीति, प्रबंधन और विस्तार में भी सक्रिय सहयोग देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब निवेशक स्टार्टअप की ग्रोथ प्रक्रिया में भागीदारी निभाते हैं, तभी बेहतर और टिकाऊ रिटर्न हासिल किए जा सकते हैं।

युवा उद्यमियों के सवालों के मिले जवाब

कार्यक्रम में चैंबर अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बदलते वैश्विक बाजार में समझदारी से निवेश करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं टोरिन वेल्थ मैनेजमेंट के चेयरमैन श्री जिग्नेश माधवानी ने प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से युवा उद्यमियों और निवेशकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

आयोजकों के अनुसार, यह समिट केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि आने वाले दशक के लिए वेल्थ क्रिएशन और बिजनेस ग्रोथ का व्यावहारिक रोडमैप बनकर उभरा है।

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