सूरत का स्वच्छता अभियान बना देश के लिए मिसाल, EPR लक्ष्य को मिली नई दिशा

जनभागीदारी और प्रशासनिक सहयोग से कचरा प्रबंधन में आया प्रभावी बदलाव

सूरत का स्वच्छता अभियान बना देश के लिए मिसाल, EPR लक्ष्य को मिली नई दिशा

सूरत : पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सिर्फ कागजी नीतियां काफी नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने की जरूरत होती है। 29 अप्रैल, 2026 को सूरत में ठीक ऐसा ही देखने को मिला।

EPR कंप्लायंस में अग्रणी संस्था निर्मल वसुंधरा ने हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज (HCCB) के साथ मिलकर एक विशाल स्वच्छता और सर्कुलरिटी (Circularity) अभियान का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया। इस पहल ने सरकार, कॉर्पोरेट्स, आम नागरिकों और कंप्लायंस पार्टनर्स को एक मंच पर लाकर यह साबित कर दिया कि असली बदलाव सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।

नीतियों का सही क्रियान्वयन: BRSR और EPR भारत का 'सस्टेनेबल भविष्य' मुख्य रूप से दो कड़े नियमों पर टिका है:कंपनियों की पारदर्शिता तय करने के लिए BRSR और कचरा प्रबंधन के लिए EPR।

इस पहल में HCCB के श्री तुषार पटनायक की उपस्थिति और उनके संगठन की सक्रिय भागीदारी ने यह दिखाया है कि असली 'सस्टेनेबिलिटी' सिर्फ रेगुलेटरी बॉक्स टिक करना नहीं है, बल्कि अपने स्थानीय पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए सीधा निवेश और मेहनत करना है।

जनभागीदारी और प्रशासनिक सहयोग कोई भी नीति बिना प्रशासनिक सहयोग और जनता के समर्थन के सफल नहीं हो सकती। इस आयोजन में SMC की डॉ. गायत्री जरीवाला और GPCBके श्री अरुण पटेल के कुशल मार्गदर्शन ने इस अभियान को एक मजबूत ढांचा दिया।

वहीं दूसरी ओर, जागरूक नागरिकों और हमारे 'सफाई साथियों' ने आगे आकर यह साबित किया कि कचरे को स्रोत पर ही अलग करना (Source Segregation) सर्कुलर इकोनॉमी की सबसे जरूरी शर्त है।

निर्मल वसुंधरा: लक्ष्य और समाधान के बीच का सेतु EPR और ESG के जटिल नियमों को धरातल पर उतारने के लिए गहरी तकनीकी और ढांचागत समझ की जरूरत होती है, और निर्मल वसुंधरा यही काम करती है।

सिर्फ कचरा उठाने तक सीमित न रहकर, संस्था ने इस आयोजन में जमा हुए 100% प्लास्टिक को सीधे अपने MRF सेंटर में रीसायकल कर 'जीरो-वेस्ट' का लक्ष्य हासिल किया।

इसके अलावा, निर्मल वसुंधरा GHG अकाउंटिंग, EcoVadis और CDP जैसी ग्लोबल ESG रिपोर्टिंग में भी कंपनियों का रणनीतिक मार्गदर्शन करती है, ताकि उनके जमीनी प्रयास वैश्विक मानकों पर खरे उतरें।

निदेशक की कलम से: "पर्यावरण अनुपालन (Environmental Compliance) का असली मतलब धरातल पर परिणाम देना है।जब सरकार, कॉर्पोरेट्स और नागरिक एकजुट होते हैं, तभी BRSR और EPR जैसी नीतियां वास्तविक प्रभाव छोड़ती हैं।

निर्मल वसुंधरा का उद्देश्य हर कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी संकल्प को पूर्ण सर्कुलरिटी में बदलना है।" — मिकलेश गोयल, मैनेजिंग डायरेक्टर, निर्मल वसुंधरा

निष्कर्ष जब सरकार नीतियां बनाती है, कॉर्पोरेट्स उन्हें फंड करते हैं, नागरिक अपना कर्तव्य निभाते हैं, और निर्मल वसुंधरा जैसे पार्टनर सही ढांचा उपलब्ध कराते हैं, तो कचरा-मुक्त भारत का सपना हकीकत बन जाता है।

निर्मल वसुंधरा के बारे में: निर्मल वसुंधरा प्रा. लिमिटेड एक प्रमुख सस्टेनेबिलिटी और कंप्लायंस पार्टनर है।संस्था सभी प्रकार के अपशिष्ट के लिए 'कम्पलीट EPR कंप्लायंस' और 'निर्वसु प्रमाणित EPR क्रेडिट' प्रदान करती है।

जमीनी स्तर पर कचरा प्रबंधन के अलावा, निर्मल वसुंधरा एंड-टू-एंड ESG सलाहकार सेवाएं भी देती है, जिसमें BRSR, EcoVadis रेटिंग, CDP रिपोर्टिंग और GHG अकाउंटिंग शामिल हैं। संपर्क: info@nirvasu.com | +91 98113 99038 | www.nirmalvasundhara.com

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