सूरत : GERC में SGCCI की दलील सफल, बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा बड़ा फायदा
स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को अब ToU टैरिफ में मिलेगी छूट, राज्यभर में 400 करोड़ रुपये से अधिक बचत का अनुमान
सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने गुजरात सरकार के इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (GERC) में बिजली टैरिफ पिटीशन के खिलाफ दायर अपनी दलीलों में बड़ी सफलता हासिल की है।
इस फैसले के बाद अब पूरे गुजरात के औद्योगिक और घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को ‘टाइम ऑफ यूज’ (ToU) टैरिफ का लाभ मिलेगा।
GERC द्वारा जारी नए टैरिफ आदेश में बड़ा बदलाव करते हुए ‘प्री-पेड स्मार्ट मीटर’ शब्द हटाकर केवल ‘स्मार्ट मीटर’ शब्द लागू किया गया है। इससे अब सभी स्मार्ट मीटर धारक उपभोक्ता ToU डिस्काउंट के पात्र होंगे।
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मिलेगा 60 पैसे प्रति यूनिट डिस्काउंट
नए आदेश के अनुसार, सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच बिजली उपयोग करने वाले घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 60 पैसे प्रति यूनिट की सीधी छूट मिलेगी। माना जा रहा है कि इस निर्णय से राज्यभर के बिजली उपभोक्ताओं को हर वर्ष 400 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी।
SGCCI के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी और वाइस प्रेसिडेंट एवं प्रेसिडेंट-डेजिग्नेट अशोक जीरावाला के नेतृत्व में चैंबर के प्रतिनिधिमंडल ने GERC के चेयरमैन पंकज जोशी के समक्ष विस्तृत लिखित और मौखिक प्रस्तुति दी। इस दौरान चैंबर के सेक्रेटरी पॉलिक देसाई और मैनेजिंग कमेटी सदस्य सुरेश पटेल भी मौजूद रहे।
सुनवाई के दौरान SGCCI ने तर्क दिया कि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार TOD और TOU चार्ज का समय समान होना चाहिए। साथ ही, स्मार्ट मीटर संबंधी प्रावधानों में केवल “स्मार्ट मीटर” शब्द लागू होना चाहिए, न कि “प्री-पेड स्मार्ट मीटर” की अनिवार्यता।
GERC ने चैंबर की दलीलों को स्वीकार करते हुए बिजली वितरण कंपनियों को नए टैरिफ आदेश में संशोधन करने का निर्देश दिया। इसके बाद अब वे सभी उपभोक्ता, जिनके यहां ToD रिकॉर्डिंग क्षमता वाले स्मार्ट मीटर लगे हैं, ToU डिस्काउंट का लाभ उठा सकेंगे।
उद्योगों को भी मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से टेक्सटाइल, डायमंड और इंजीनियरिंग समेत विभिन्न उद्योगों को उत्पादन शिफ्ट की बेहतर योजना बनाने और बिजली लागत कम करने में मदद मिलेगी। SGCCI ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे राज्य में बिजली टैरिफ को लेकर लंबे समय से चला आ रहा भ्रम दूर होगा और ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।
