सूरत : AI-आधारित शिक्षा की बड़ी पहल,  भगवान महावीर यूनिवर्सिटी और ‘कोडिंग प्रो’ की रणनीतिक साझेदारी

2026-27 से कैंपस में लागू होगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एजुकेशन सिस्टम, इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स पर फोकस

सूरत : AI-आधारित शिक्षा की बड़ी पहल,  भगवान महावीर यूनिवर्सिटी और ‘कोडिंग प्रो’ की रणनीतिक साझेदारी

सूरत। उच्च शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में सूरत स्थित भगवान महावीर यूनिवर्सिटी ने एक अहम कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस के क्षेत्र में कार्यरत संस्थान ‘कोडिंग प्रो’ के साथ रणनीतिक साझेदारी की है, जिसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पूरी तरह AI-आधारित एजुकेशन सिस्टम लागू किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य छात्रों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। नई व्यवस्था के तहत इंजीनियरिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन, मैनेजमेंट, लॉ, ह्यूमैनिटीज और एलाइड हेल्थ साइंसेज जैसे विभिन्न विषयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विशेष पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। ये कोर्स राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और वर्तमान इंडस्ट्री डिमांड को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं।

यूनिवर्सिटी परिसर में अत्याधुनिक डिजिटल क्लासरूम, वर्चुअल लैब और AI-संचालित लर्निंग सपोर्ट सिस्टम विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक छात्र को पर्सनलाइज्ड लर्निंग का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।

छात्रों को रियल-वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स, टेक्निकल प्रतियोगिताओं, इनोवेशन प्रोग्राम्स और इंडस्ट्री कनेक्ट के जरिए रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन का मानना है कि यह पहल छात्रों को केवल नौकरी के लिए ही नहीं, बल्कि नए स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी कंपनियां स्थापित करने के लिए भी सक्षम बनाएगी।

यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर डॉ. रामकुमार ने इसे राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक दूरदर्शी और ऐतिहासिक पहल बताया। वहीं, ‘कोडिंग प्रो’ के सीईओ शिवकुमार मौर्य और रजिस्ट्रार डॉ. विजय मतवाला ने कहा कि यह साझेदारी गुजरात में तकनीक आधारित शिक्षा को नई दिशा देगी।

‘रिड्यूस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के संस्थापक सुमित भट ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि देश को ऐसे संस्थानों की आवश्यकता है, जो छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार कर सकें।

यह साझेदारी सूरत और पूरे गुजरात में टेक्नोलॉजी-ड्रिवन हायर एजुकेशन के एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है।