सूरत : SBI बैंक डकैती का मास्टरमाइंड बिहार जेल में बैठकर चला रहा था गैंग, कुंदन भगत समेत 3 आरोपी पुलिस रडार पर
बेउर सेंट्रल जेल से खास ऐप के जरिए देता था निर्देश, चुनाव के दौरान रची गई थी 50 लाख की लूट की साजिश
सूरत। सूरत के वराछा इलाके में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) शाखा में हुई 50 लाख रुपये की सनसनीखेज डकैती मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस डकैती की साजिश बिहार की बेउर सेंट्रल जेल में बंद कुख्यात अपराधी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत ने रची थी।
बताया जा रहा है कि आरोपी जेल में रहते हुए एक विशेष मोबाइल ऐप के जरिए अपने गैंग के सदस्यों से संपर्क में था और वहीं से पूरी वारदात को संचालित कर रहा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, कुंदन भगत देहरादून में हुई 12 करोड़ रुपये की रिलायंस ज्वेलरी डकैती का भी आरोपी रह चुका है। सूरत बैंक डकैती में भी उसने अपने सहयोगियों को निर्देश देकर पूरी घटना को अंजाम दिलाया। अब आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर सूरत लाने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम बिहार रवाना हो चुकी है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी जेल के भीतर से ही गैंग को निर्देश देता था और सूरत में बैंक लूट की पूरी योजना तैयार की गई थी। जांच में यह भी सामने आया है कि लुटेरों ने सूरत नगर निगम चुनाव के दौरान वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी, ताकि चुनावी ड्यूटी में व्यस्त पुलिस बल का फायदा उठाकर आसानी से फरार हुआ जा सके।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने वारदात से पहले सूरत शहर की करीब 10 बैंकों की रेकी की थी। इसके बाद वराछा स्थित SBI शाखा को निशाना बनाया गया।
इस मामले में पुलिस पहले ही उत्तर प्रदेश के अयोध्या और गोंडा क्षेत्र से शुभम कुमार ठाकुर और विकास सिंह नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
दोनों की गिरफ्तारी टेक्निकल सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर की गई थी। पुलिस अब इस पूरे इंटर-स्टेट गैंग के नेटवर्क, इस्तेमाल किए गए हथियारों और लूट की रकम के वितरण को लेकर गहन जांच कर रही है।
पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों में फैले हो सकते हैं और आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
