सूरत : एसबीआई बैंक में हुई 50 लाख की सनसनीखेज लूट कांड में बड़ा खुलासा, यूपी से 2 आरोपी गिरफ्तार
फर्जी आधार से खरीदी गई थी बाइक, तीन गाड़ियों की पहचान, तकनीकी जांच से मिला सुराग, बैंक कर्मचारी सुरक्षा को लेकर 25-26 मई को हड़ताल पर
सूरत। शहर के वराछा इलाके में एसबीआई बैंक में हुई 50 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट मामले में क्राइम ब्रांच (डीसीबी) को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या और गोंडा से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहली बार लूट में इस्तेमाल तीनों वाहनों की भी पहचान कर ली गई है, जिससे जांच को नई दिशा मिली है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम कुमार अजीत ठाकुर और विकास सिंह अरुण कुमार सिंह के रूप में हुई है। दोनों को ट्रांजिट रिमांड के लिए गोंडा कोर्ट में पेश किया जाएगा, जिसके बाद उन्हें सूरत लाकर आगे पूछताछ की जाएगी।
जांच में सामने आया है कि लूट में इस्तेमाल की गई अपाचे बाइक फर्जी आधार कार्ड के जरिए तेलंगाना से खरीदी गई थी। आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए यह तरीका अपनाया था। इतना ही नहीं, वे लूट से पहले रांदेर इलाके में किराए के मकान में भी फर्जी आईडी के आधार पर रह रहे थे, जिसे घटना से पहले खाली कर दिया गया था।
पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में ANPR कैमरों और सीसीटीवी फुटेज से अहम मदद मिली। 16 अप्रैल को एयरपोर्ट रोड पर आरोपियों की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई थीं, जिसके बाद मोबाइल टावर डेटा और टेक्निकल एनालिसिस के जरिए संदिग्ध नंबर ट्रैक किए गए। इसी आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
जानकारी के अनुसार, पांच से ज्यादा हथियारबंद लुटेरे वराछा स्थित एसबीआई शाखा में घुसे और कर्मचारियों व ग्राहकों को बंधक बना लिया। उन्होंने करीब 50 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और अन्य सामान लूट लिया और तीन बाइक पर फरार हो गए।
इस घटना के बाद बैंक कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए एसबीआई कर्मचारियों ने 25 और 26 मई को हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। कर्मचारियों का कहना है कि बैंक में पर्याप्त स्टाफ और सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
इस केस को सुलझाने के लिए 120 से अधिक पुलिसकर्मी लगातार जांच में जुटे हुए हैं। पुलिस अब अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश होने की संभावना है।
यह मामला न केवल शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि बैंक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंताएं सामने लाता है।
