सूरत : रेलवे स्टेशन रीडेवलपमेंट से बढ़ा ट्रैफिक दबाव, प्रशासन ने तैयार किया बड़ा एक्शन प्लान

SITCO प्रोजेक्ट के चलते अगले 2-3 साल तक ट्रैफिक चुनौती; अलग लेन, वन-वे सिस्टम और एयरपोर्ट मॉडल लागू करने की तैयारी

सूरत : रेलवे स्टेशन रीडेवलपमेंट से बढ़ा ट्रैफिक दबाव, प्रशासन ने तैयार किया बड़ा एक्शन प्लान

सूरत। सूरत रेलवे स्टेशन के मॉडर्नाइजेशन और रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के चलते शहर के सबसे व्यस्त इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है।

सूरत इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्टेशन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SITCO) द्वारा रेलवे स्टेशन पर बड़े स्तर पर निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसके कारण सहारा दरवाजा से वराछा पोद्दार आर्केड तक रोजाना भारी ट्रैफिक दबाव देखने को मिल रहा है।

स्थिति को देखते हुए सूरत नगर निगम और पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी संबंध में म्युनिसिपल कमिश्नर एम. नागराजन और पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत की अध्यक्षता में पुलिस कमिश्नर कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में SVNIT के विशेषज्ञ, SITCO अधिकारी और ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

रोजाना एक लाख से अधिक वाहनों का दबाव

SVNIT द्वारा प्रस्तुत ट्रैफिक सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे स्टेशन के पश्चिमी हिस्से में प्रतिदिन लगभग एक लाख कारों के अलावा हजारों ऑटो रिक्शा, बसें और अन्य वाहन पहुंचते हैं। इससे पूरे स्टेशन क्षेत्र में लगातार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में रेलवे स्टेशन के सामने एलिवेटेड ब्रिज के पिलर निर्माण शुरू होने के बाद स्थिति और गंभीर हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने चरणबद्ध तरीके से ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू करने का निर्णय लिया है।

अलग-अलग वाहनों के लिए बनेगी अलग लेन

ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए रेलवे स्टेशन क्षेत्र में कार, बस और ऑटो रिक्शा के लिए अलग-अलग लेन बनाई जाएंगी। इसके साथ ही पैदल यात्रियों के लिए भी अलग मार्ग विकसित करने की योजना बनाई गई है, ताकि स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।

रेलवे स्टेशन परिसर में अवैध दबाव और अनियंत्रित पार्किंग हटाने के लिए भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एयरपोर्ट मॉडल पर होगा ‘पिक-अप एंड ड्रॉप’ सिस्टम

प्रशासन ने रेलवे स्टेशन परिसर में एयरपोर्ट की तर्ज पर नया ट्रैफिक सिस्टम लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत निजी वाहनों को केवल यात्रियों को छोड़ने और लेने के लिए ही प्रवेश मिलेगा। लंबे समय तक पार्किंग की अनुमति नहीं होगी।

अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था से स्टेशन परिसर में अनियंत्रित पार्किंग और ट्रैफिक दबाव में बड़ी राहत मिलेगी।

एलिवेटेड ब्रिज के लिए हटेगी बाउंड्री वॉल

रेलवे स्टेशन के सामने बनने वाले एलिवेटेड ब्रिज के पिलर निर्माण में स्टेशन की मौजूदा बाउंड्री वॉल बाधा बन रही है। ऐसे में प्रशासन ने रेलवे स्टेशन की बाउंड्री वॉल हटाने का भी निर्णय लिया है, ताकि निर्माण कार्य में कोई रुकावट न आए।

टैक्सी और ऑटो स्टैंड होंगे शिफ्ट

रेलवे स्टेशन के बाहर संचालित टैक्सी और ऑटो स्टैंड के कारण मुख्य सड़क पर भारी दबाव बनता है। इस समस्या के समाधान के लिए टैक्सी स्टैंड को जिला पंचायत की जमीन पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है।

साथ ही रिक्शा, बस और कारों के लिए ‘सिंगल लेन सिस्टम’ सख्ती से लागू किया जाएगा, ताकि कोई वाहन दूसरी लेन में घुसकर ट्रैफिक बाधित न करे।

ST बसों के लिए लागू होगा वन-वे सिस्टम

रेलवे स्टेशन के सामने स्थित ST बस स्टैंड से लगातार बसों की आवाजाही के कारण भी जाम की समस्या बढ़ रही है। SVNIT विशेषज्ञों की सलाह पर अब ST बसों के लिए विशेष वन-वे सिस्टम लागू किया जाएगा।

इसके अलावा प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि बसें निर्धारित बस स्टैंड के बाहर सार्वजनिक सड़क पर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने के लिए न रुकें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि अगले दो से तीन वर्षों तक रेलवे स्टेशन रीडेवलपमेंट कार्य जारी रहेगा, इसलिए ट्रैफिक प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक और व्यवस्थित योजना पर काम किया जा रहा है।