सूरत : बैंक ऑफ बड़ौदा ने वित्त वर्ष 2025-26 के शानदार नतीजे घोषित किए, मुनाफा ₹20 हजार करोड़ के पार
मजबूत आस्ति गुणवत्ता और कारोबार वृद्धि के दम पर बैंक ने रचा नया रिकॉर्ड, शेयरधारकों के लिए ₹8.5 प्रति शेयर लाभांश की सिफारिश
सूरत। बैंक ऑफ बड़ौदा ने 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय परिणामों की घोषणा करते हुए मजबूत लाभप्रदता, बेहतर आस्ति गुणवत्ता और कारोबार में निरंतर वृद्धि दर्ज की है।
बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सर्वाधिक वार्षिक शुद्ध लाभ ₹20,021 करोड़ हासिल किया है, जबकि चौथी तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ 11.2 प्रतिशत बढ़कर ₹5,616 करोड़ रहा।
बैंक के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹2 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹8.5 (425 प्रतिशत) लाभांश देने की सिफारिश की है, जो नियामकीय स्वीकृतियों के अधीन रहेगा।
बैंक ने 31 मार्च 2026 तक वैश्विक कारोबार में ₹30 लाख करोड़ का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया। बैंक का वैश्विक अग्रिम 16.2 प्रतिशत बढ़कर ₹14.29 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जबकि घरेलू अग्रिमों में 14.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वैश्विक जमा भी 12 प्रतिशत बढ़कर ₹16.48 लाख करोड़ रही।
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में बैंक की निवल ब्याज आय (NII) 8.7 प्रतिशत बढ़कर ₹12,494 करोड़ रही। पूरे वित्त वर्ष के दौरान यह आंकड़ा ₹47,682 करोड़ रहा। बैंक का परिचालन लाभ चौथी तिमाही में 11.5 प्रतिशत बढ़कर ₹9,069 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि पूरे वर्ष के लिए यह ₹32,259 करोड़ दर्ज किया गया।
बैंक की आस्ति गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। सकल एनपीए (GNPA) घटकर 1.89 प्रतिशत रह गया, जबकि निवल एनपीए (NNPA) 0.45 प्रतिशत पर पहुंच गया। बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात (PCR) राइट-ऑफ सहित 93.94 प्रतिशत और बिना राइट-ऑफ के 76.66 प्रतिशत रहा, जो बैंक की मजबूत बैलेंस शीट को दर्शाता है।
बैंक का वैश्विक नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) चौथी तिमाही में 2.89 प्रतिशत रहा, जबकि घरेलू NIM 3.08 प्रतिशत दर्ज किया गया। बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) लगातार 1 प्रतिशत से ऊपर बना रहा और चौथी तिमाही में यह 1.15 प्रतिशत तक पहुंच गया। वहीं रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 17.27 प्रतिशत रहा।
रिटेल, कृषि और एमएसएमई (RAM) क्षेत्र में भी बैंक ने मजबूत वृद्धि दर्ज की। बैंक के कुल अग्रिमों में RAM पोर्टफोलियो की हिस्सेदारी बढ़कर 61 प्रतिशत हो गई। ऑर्गेनिक रिटेल लोन में 17.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें ऑटो लोन, मॉर्गेज, होम लोन और एजुकेशन लोन प्रमुख रहे।
कृषि ऋण पोर्टफोलियो 20.7 प्रतिशत बढ़कर ₹1.91 लाख करोड़ और एमएसएमई पोर्टफोलियो 15.6 प्रतिशत बढ़कर ₹1.59 लाख करोड़ तक पहुंच गया। कॉर्पोरेट अग्रिमों में भी 11.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
पूंजी पर्याप्तता के मोर्चे पर भी बैंक मजबूत स्थिति में बना हुआ है। मार्च 2026 तक बैंक का सीआरएआर (CRAR) 15.82 प्रतिशत रहा, जबकि CET-1 अनुपात 13.16 प्रतिशत दर्ज किया गया। बैंक का औसत लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (LCR) लगभग 127 प्रतिशत रहा।
बैंक प्रबंधन के अनुसार, मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, बेहतर जोखिम प्रबंधन और विविध क्षेत्रों में संतुलित वृद्धि के चलते बैंक भविष्य में भी सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।
