सूरत : एसबीआई बैंक लूट केस में मुख्य आरोपी का ‘हाफ एनकाउंटर’, पुलिस पर फायरिंग के बाद पैर में लगी गोली
हथियार बरामदगी के दौरान आरोपी शुभम ने पुलिस पर तानी पिस्तौल, एसीपी किरण मोदी की जवाबी कार्रवाई में घायल
सूरत। सूरत के वराछा स्थित एसबीआई बैंक में 50 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले के मुख्य आरोपी शुभम ने हथियार बरामदगी के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश की।
जिसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लग गई। घायल आरोपी को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच न्यू सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, सूरत क्राइम ब्रांच की टीम सात दिन की रिमांड पर चल रहे आरोपी शुभम और उसके साथी विकास को लेकर सूरत ग्रामीण के कन्यासी गांव पहुंची थी।
पुलिस लूट में इस्तेमाल किए गए हथियार और मोबाइल की बरामदगी के साथ घटनास्थल का रिकंस्ट्रक्शन कर रही थी। पूछताछ के दौरान शुभम ने बताया कि उसने खेत के पास नाले के समीप पिस्तौल और मोबाइल छिपाए थे।
पुलिस जब बरामदगी की कार्रवाई कर रही थी, तभी आरोपी ने अचानक पुलिसकर्मी से पिस्तौल छीन ली और टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति को भांपते हुए एसीपी किरण मोदी ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। पुलिस की गोली शुभम के दोनों पैरों में लगी, जिससे वह घायल होकर मौके पर गिर पड़ा।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उपचार के लिए न्यू सिविल अस्पताल पहुंचाया। पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया और आरोपी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।
गौरतलब है कि 27 अप्रैल 2026 को वराछा स्थित एसबीआई बैंक में 50 लाख रुपये की लूट हुई थी। जांच में सामने आया कि इस वारदात का मास्टरमाइंड बिहार की बेउर सेंट्रल जेल में बंद कुख्यात अपराधी कुंदन कुमार उर्फ कुंदन भगत है।
पुलिस के मुताबिक, कुंदन जेल में रहते हुए एक विशेष ऐप के जरिए अपने गैंग के सदस्यों को निर्देश दे रहा था। कुंदन भगत पहले देहरादून की 12 करोड़ रुपये की रिलायंस ज्वेलरी लूट में भी शामिल रह चुका है। पुलिस ने इस मामले में शुभम और विकास को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर सूरत लाया था।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गैंग ने वारदात से पहले सूरत की करीब 10 बैंक शाखाओं की रेकी की थी। आखिरकार वराछा स्थित एसबीआई शाखा को निशाना बनाया गया, क्योंकि मेट्रो निर्माण कार्य के चलते वहां ट्रैफिक अपेक्षाकृत कम रहता था।
आरोपियों ने सूरत नगर निगम चुनाव के दौरान वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी, ताकि पुलिस फोर्स चुनाव ड्यूटी में व्यस्त रहे और उन्हें भागने का मौका मिल सके।
