सूरत : ‘वन क्लिक’ से 11 हजार उद्योगपतियों को ₹1349 करोड़ की सब्सिडी
हर्ष संघवी ने उद्योगपतियों को दिया सकारात्मक सोच का संदेश, ‘डीप सी डिस्चार्ज प्रोजेक्ट’ के MoU पर जल्द होंगे हस्ताक्षर
सूरत। ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ से पहले राज्य सरकार ने उद्योग जगत को बड़ी राहत देते हुए 11 हजार से अधिक उद्योगपतियों को ‘वन क्लिक’ प्रणाली के जरिए ₹1349 करोड़ की सब्सिडी जारी की है। गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने सूरत दौरे के दौरान कुछ ही सेकंड में यह राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की।
सब्सिडी वितरण में विभिन्न सेक्टरों को शामिल किया गया है। MSME क्षेत्र की 7,495 इकाइयों को ₹299.75 करोड़, टेक्सटाइल सेक्टर के 3,423 लाभार्थियों को ₹538.76 करोड़ और बड़े उद्योगों के 111 लाभार्थियों को ₹510.99 करोड़ की आर्थिक सहायता दी गई।
रिव्यू मीटिंग के दौरान मंत्री हर्ष संघवी ने उद्योगपतियों से सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील करते हुए कहा कि छोटी-छोटी कमियां निकालने के बजाय समाधान पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग मिलकर ही राज्य में अधिक निवेश आकर्षित कर सकते हैं।
इस बीच, सूरत में आयोजित होने वाले ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ के दौरान एक महत्वपूर्ण ‘डीप सी डिस्चार्ज प्रोजेक्ट’ के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे। लगभग ₹5,000 से ₹6,000 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत 7 से 8 ट्रीटमेंट प्लांट का शुद्ध किया गया पानी 8 से 10 किलोमीटर दूर समुद्र में छोड़ा जाएगा। इस परियोजना में 80 प्रतिशत फंड सरकार और 20 प्रतिशत उद्योगों द्वारा वहन किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उद्योगों में ‘टर्शियरी ट्रीटेड वॉटर’ के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पेयजल की बचत होगी और घरेलू व कृषि उपयोग के लिए अधिक पानी उपलब्ध हो सकेगा।
साउथ गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि क्षेत्र के उद्योगपतियों में जबरदस्त उत्साह है। यह सम्मेलन उद्योगों और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
वहीं, साउथ गुजरात टेक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन (SGTPA) के अध्यक्ष जीतूभाई वखारिया ने कहा कि गुजरात दिवस और वाइब्रेंट समिट का यह संगम राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति देगा।
उन्होंने बताया कि सरकार से मिल रहे सहयोग, लंबित सब्सिडी के भुगतान और नए प्रोजेक्ट्स की मंजूरी से दक्षिण गुजरात के उद्योगों का भविष्य उज्ज्वल नजर आ रहा है।
उद्योग जगत के अनुसार, प्रस्तावित ‘डीप सी डिस्चार्ज प्रोजेक्ट’ सूरत की इंडस्ट्री के लिए गेम-चेंजर साबित होगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जल प्रबंधन में भी अहम भूमिका निभाएगा।
