राजकोट में मॉडर्न पुलों से विकास को मिली नई रफ्तार
पिछले पांच वर्षों में 6 फ्लाईओवर और अंडरब्रिज बने, संध्या पुल उद्घाटन के करीब; कटारिया जंक्शन आइकॉनिक ब्रिज का 40% कार्य पूरा
राजकोट महानगर तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। शहर में आधुनिक और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण से यातायात व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुगम और तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल के मार्गदर्शन में पूरे गुजरात में सड़क और पुल निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसका सकारात्मक प्रभाव राजकोट में भी दिखाई दे रहा है।
सौराष्ट्र के व्यापार और उद्योग केंद्र के रूप में पहचान रखने वाले राजकोट में ट्रैफिक दबाव कम करने और परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पिछले पांच वर्षों में 5 फ्लाईओवर और 1 रेलवे अंडरब्रिज का निर्माण किया गया है। इन परियोजनाओं से शहर के प्रमुख मार्गों पर आवागमन काफी आसान हुआ है।
शहर के हॉस्पिटल चौक पर निर्मित थ्री-आर्म फ्लाईओवर ब्रिज राजकोट-जामनगर मार्ग की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी सुविधा साबित हो रहा है। वहीं, 150 फीट रिंग रोड स्थित K.K.V. चौक पर बना डबल-डेकर फ्लाईओवर कलावड रोड की ओर यातायात को सुचारु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इसके अलावा, 150 फीट रिंग रोड पर नाना मावा चौक का फ्लाईओवर गोंडल चौक की दिशा में जाने वाले वाहनों को बिना सिग्नल रुके तेजी से गुजरने में मदद कर रहा है। रामदेवपीर चौक फ्लाईओवर और कलावड रोड पर प्रेम मंदिर-मोटा मावा के बीच निर्मित फ्लाईओवर ने भी शहर की परिवहन सुविधाओं को नई गति दी है।
लक्ष्मीनगर नाले के पास रेलवे लाइन पर बनाए गए जनरल बिपिन रावत रेलवे अंडरब्रिज से मानसून के दौरान जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हुआ है। इससे स्थानीय वाहन चालकों को वर्षा ऋतु में बड़ी राहत मिली है।
यातायात की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राजकोट-जामनगर रेलवे लाइन पर मौजूदा संध्या ब्रिज के विस्तार के लिए नए रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। जामनगर रोड पर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा लगभग 74.32 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा यह संध्या पुल अब लगभग पूर्णता की ओर है और जल्द ही जनता को समर्पित किया जाएगा।
इसी बीच, सेकंड रिंग रोड और कलावड रोड को जोड़ने वाले कटारिया जंक्शन पर मल्टी-लेवल आइकॉनिक ब्रिज का निर्माण कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। म्युनिसिपल कमिश्नर तुषार सुमेरा के अनुसार, परियोजना का करीब 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
राजकोट में विकसित हो रहे ये आधुनिक फ्लाईओवर और पुल केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर नहीं बना रहे, बल्कि शहर की नई पहचान भी गढ़ रहे हैं। स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज रफ्तार विकास और आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ राजकोट अब गुजरात के उभरते हुए आधुनिक महानगरों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
