सूरत-उधना में बढ़ती भीड़ के बीच ट्रेनों को दैनिक चलाने की मांग

बिहार विकास मंडल ने सांसद के माध्यम से रेल मंत्री को भेजा प्रस्ताव, आरक्षण व आपातकालीन कोटा बढ़ाने की भी मांग

सूरत-उधना में बढ़ती भीड़ के बीच ट्रेनों को दैनिक चलाने की मांग

दक्षिण गुजरात के सूरत और उधना रेलवे स्टेशनों पर पिछले दो वर्षों से यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए बिहार विकास मंडल ने महत्वपूर्ण रेल सेवाओं को साप्ताहिक के बजाय प्रतिदिन संचालित करने की मांग उठाई है। मंडल के अध्यक्ष प्रभुनाथ यादव, महासचिव बांके बिहारी सिंह, तथा सदस्य पिंटू पांडे और चंद्रकांत यादव ने सांसद मुकेशभाई दलाल के माध्यम से रेल मंत्री को यह प्रस्ताव भेजा।

मंडल ने विशेष रूप से ट्रेन संख्या 19051 श्रमिक एक्सप्रेस और 19053 सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस को दैनिक चलाने की मांग की है। साथ ही 19037 अवध एक्सप्रेस में सूरत से आरक्षण कोटा और आपातकालीन कोटा बढ़ाने की भी आवश्यकता जताई गई है।

विज्ञप्ति में बताया है कि पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश और बिहार के लगभग 20 लाख से अधिक श्रमिक एवं व्यापारी दक्षिण गुजरात के सूरत, कीम, अंकलेश्वर, भरूच, वलसाड और वापी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत हैं। दुर्गा पूजा, दीपावली, छठ, होली, रामनवमी और विवाह जैसे अवसरों पर इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है, जिससे सूरत और उधना स्टेशनों पर भीड़ अनियंत्रित हो जाती है।

मंडल ने सुझाव दिया कि 19051 श्रमिक एक्सप्रेस, जो वर्तमान में साप्ताहिक रूप से वलसाड से मुजफ्फरपुर तक संचालित होती है, उसे वाराणसी से आगे औड़िहार, मऊ, सलेमपुर, भटनी, सिवान होते हुए प्रतिदिन चलाया जाए। इसी प्रकार 19053 सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस के रूट में भी विस्तार करते हुए लखनऊ के बाद बाराबंकी, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, कप्तानगंज और छपरा के रास्ते या वैकल्पिक रूप से बेतिया व मोतिहारी होते हुए मुजफ्फरपुर तक दैनिक सेवा देने का प्रस्ताव रखा गया है।

इस पहल से गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, पश्चिम एवं पूर्वी चंपारण सहित पूर्वांचल और बिहार के लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है। सांसद मुकेशभाई दलाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे को रेल मंत्री के समक्ष प्राथमिकता से उठाएंगे, ताकि यात्रियों को जल्द राहत मिल सके।

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