सूरत :  एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन व इंडिया-UK FTA पर सेमिनार आयोजित

MSME एक्सपोर्टर्स को नई संभावनाओं की जानकारी, FTA लागू होने के बाद निर्यात में 50% तक वृद्धि का अनुमान

सूरत :  एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन व इंडिया-UK FTA पर सेमिनार आयोजित

सूरत। दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) और डीजीएफटी, सूरत के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को ‘एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन, इंडिया-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) और MSME एक्सपोर्टर्स के लिए राहत योजनाएं’ विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया गया।

यह कार्यक्रम 30 अप्रैल 2026 को समहति, सरसाना में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में निर्यातकों और उद्योगपतियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में चैंबर अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने MSME उद्योगपतियों और निर्यातकों से वैश्विक व्यापार के बदलते परिदृश्य में नए अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।

वहीं, उपाध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि इंडिया-यूके FTA लागू होने के बाद सूरत के टेक्सटाइल सहित विभिन्न उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में आसान पहुंच मिलेगी, जिससे निर्यात को नई गति मिलेगी।

सूरत SEZ के डेवलपमेंट कमिश्नर एवं डीजीएफटी के संयुक्त महानिदेशक अभिमन्यु शर्मा ने ‘एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन’ के तहत ‘निर्यात प्रोत्साहन’ और ‘निर्यात दिशा’ जैसी पहलों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मई 2026 में लागू होने वाला इंडिया-यूके FTA भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच व्यापार और निवेश को सरल, तेज और व्यापक बनाएगा। इसके तहत कई उत्पादों पर आयात-निर्यात शुल्क में कमी या पूर्ण छूट मिलने की संभावना है।

उन्होंने जानकारी दी कि टेक्सटाइल, डायमंड, ज्वेलरी, फार्मास्यूटिकल्स, एग्रीकल्चर, केमिकल्स, प्लास्टिक, पैकेजिंग और इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए यूके बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। वर्तमान में यूके लगभग 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर के टेक्सटाइल उत्पाद आयात करता है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत कम है, जिससे निर्यात बढ़ाने की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।

शर्मा ने विश्वास जताया कि FTA लागू होने के बाद अगले 5-6 वर्षों में भारत से यूके को होने वाला निर्यात औसतन 50 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। साथ ही, इससे विदेशी निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।

ECGC सूरत शाखा के प्रमुख सौरभ जैन ने निर्यातकों को एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की विभिन्न सुरक्षा और गारंटी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये योजनाएं अंतरराष्ट्रीय व्यापार में जोखिम कम करने और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने में मददगार हैं।

कार्यक्रम का संचालन चैंबर के मानद कोषाध्यक्ष सीए मितेश मोदी ने किया, जबकि जीएसटी समिति के चेयरमैन सीए मुकुंद चौहान ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

सेमिनार में मौजूद डीजीएफटी अधिकारियों ने निर्यातकों और MSME उद्यमियों को विभिन्न योजनाओं और अवसरों के बारे में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।

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