सूरत : भारत का बढ़ता बाजार वैश्विक ताकत, इंडस्ट्री देश की तरक्की की रीढ़ - मनसुख मांडविया
सूरत में चैंबर की बैठक में केंद्रीय मंत्री ने इंडस्ट्री, स्किल डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रखे विचार; उद्यमियों ने रखीं अहम मांगें
सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा 23 अप्रैल 2026 को वर्तमान औद्योगित परिस्थिति पर आयोजित एक अहम चर्चा में केंद्रीय श्रम, रोजगार, युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया
ने कहा कि आज वैश्विक परिस्थितियों में भारत का बाजार दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन चुका है और मौजूदा मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कोई भी देश भारत से अपने संबंध खराब नहीं करना चाहता।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में उद्योगपतियों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। “आज़ादी से पहले भी और बाद में भी, देश बिना व्यापारियों और इंडस्ट्री के आगे नहीं बढ़ सकता। जो लोग संपत्ति का निर्माण करते हैं, उनका सम्मान होना चाहिए,” उन्होंने कहा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत सरकार संतुलित विकास की दिशा में काम कर रही है, जिससे रोजगार, व्यापार और आय में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और भारत 7 से 8 प्रतिशत की दर से आर्थिक विकास कर रहा है, जो प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं से अधिक है।
उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी लागू होने और दरों में कमी के बाद सरकार की आय में वृद्धि हुई है और अब हर महीने लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सरकार 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश कर रही है, जिसके तहत देश में प्रतिदिन 31 किलोमीटर हाईवे और 15 किलोमीटर रेलवे लाइन का निर्माण हो रहा है, साथ ही पिछले एक दशक में लगभग 100 नए एयरपोर्ट जोड़े गए हैं।
बैठक में शहर के विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने ट्रेड और इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दे मंत्री के सामने रखे
आशिष गुजराती ने रिन्यूएबल एनर्जी के लिए उद्योग हितैषी नीति और जीएसटी रिफंड जैसे मुद्दों पर प्रस्तुति दी। इस पर मंत्री ने स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया।
टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े प्रमोद चौधरी ने प्रवासी श्रमिकों के लिए आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं की मांग उठाई। मंत्री ने इस दिशा में सकारात्मक पहल का संकेत देते हुए इंडस्ट्री और सरकार की साझेदारी से सुविधाएं विकसित करने की बात कही।
चैंबर के ग्रुप चेयरमैन मनिष कापडीया ने मल्टी-गेम स्टेडियम और रो-रो फेरी सेवा की मांग रखी, जबकि एविएशन कमेटी के चेयरमैन लिनेश शाह ने सूरत से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संभावनाओं पर प्रस्तुति दी। मंत्री ने संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय का भरोसा दिलाया।
खाद्य पदार्थों में मिलावट के मुद्दे पर के.बी.पीपलीया ने सख्त कार्रवाई की मांग की, जिस पर मंत्री ने कानूनों के कड़ाई से पालन का आश्वासन दिया।
वहीं, लेबर लॉ को लेकर सोयल सवाणी की ओर से जागरूकता बढ़ाने की बात रखी गई, जिस पर वर्कशॉप आयोजित करने का सुझाव दिया गया।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने स्वागत भाषण दिया। चैंबर के वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला ने डिस्कशन में शामिल होने के लिए पार्टिसिपेंट्स को धन्यवाद दिया। चैंबर के पूर्व प्रेसिडेंट दिनेश नवाडिया ने कीनोट एड्रेस दिया। चैंबर के ऑनरेरी मिनिस्टर बिजल जरीवाला ने पूरी डिस्कशन कंडक्ट की।
चैंबर के पूर्व प्रेसिडेंट विजय मेवावाला, ऑनरेरी ट्रेज़रर सीए मितिश मोदी, पूर्व प्रेसिडेंट सीए पी.एम. शाह, ग्रुप चेयरमैन नीरव मंडलेवाला, मैनेजिंग कमिटी के मेंबर और अलग-अलग इंडस्ट्रियल ऑर्गनाइज़ेशन के रिप्रेजेंटेटिव डिस्कशन में मौजूद थे। यह बैठक इंडस्ट्री और सरकार के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
