सूरत : विकसित भारत में साक्षरता और अशिक्षित नेताओं का प्रभाव : बाबा दुबे
सामाजिक कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सपा विधायक ने ब्राह्मण समाज और राजनीति पर रखे अपने विचार
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बदलापुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक ओमप्रकाश दुबे उर्फ बाबा दुबे इन दिनों सूरत प्रवास पर हैं, जहां वे एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। शहर के एक होटल में ठहराव के दौरान उनसे मिलने पूर्वांचल के लोगों की बड़ी संख्या पहुंच रही है।
स्थानीय मीडिया से बातचीत में बाबा दुबे ने कहा कि वे निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं और राजनीतिक चर्चा से बचना चाहते हैं, हालांकि उन्होंने अपनों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। शिक्षा और राजनीति के संदर्भ में उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य के बीच साक्षरता में सुधार आवश्यक है, वहीं अशिक्षित नेताओं का बढ़ता प्रभाव चिंता का विषय बना हुआ है।
केंद्र सरकार की नीतियों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने यूजीसी और महिला आरक्षण बिल जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इन एजेंडों के माध्यम से राजनीतिक भविष्य संवारने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इसमें अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है।
भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर ब्राह्मण समाज को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम उनके आराध्य हैं और प्रत्येक ब्राह्मण को अपने घर में उनकी प्रतिमा स्थापित कर पूजा करनी चाहिए। ब्राह्मण समाज की स्थिति पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ब्राह्मण सदैव परोपकारी होता है और उसका वर्चस्व अटूट है। अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर उन्होंने कहा कि वे स्वयं को पहले निर्दलीय मानते हैं और चुनाव लड़ने का निर्णय अपने क्षेत्र के मतदाताओं की राय के आधार पर लेंगे।
गौरतलब है कि बाबा दुबे राजनीति के साथ-साथ स्वर्ण व्यवसाय से भी जुड़े हैं। उनके व्यावसायिक कार्यालय वाराणसी, लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, ओडिशा, कोलकाता और सऊदी अरब सहित कई स्थानों पर संचालित हैं। सूरत में उनके स्वागत में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बदलापुर क्षेत्र के 20 हजार से अधिक लोग सूरत में निवास कर रहे हैं।
