पश्चिम एशिया में युद्धविराम की आहट से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट
ब्रेंट क्रूड 97 डॉलर के करीब पहुंचा, भारत को मिलेगी राहत
मुंबई, 17 अप्रैल (वेब वार्ता)। अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी राहत दर्ज की गई, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
पश्चिम एशिया में जारी लंबे संघर्ष के थमने की खबरों के बीच वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा लगभग 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 97.99 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।
वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह 92.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
भारतीय बाजार में भी इसका सीधा असर दिखा, जहाँ मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कच्चा तेल 2.6 प्रतिशत लुढ़ककर 8,625 रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
तेल की कीमतों में आई इस नरमी का मुख्य श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिवसीय युद्धविराम की घोषणा को दिया जा रहा है। शांति वार्ताओं में प्रगति और ईरान के साथ एक बड़े परमाणु समझौते की संभावनाओं ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंताएं कम कर दी हैं।
राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट संकेत दिए हैं कि हिंसा समाप्त करने का समय आ गया है और तेहरान के साथ सकारात्मक संवाद जारी है।
इस कूटनीतिक सफलता ने बाजार में सकारात्मक उत्साह भर दिया है, जिससे पिछले सत्र की 5 प्रतिशत की उछाल के बाद अब कीमतों में स्थिरता आने लगी है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे प्रमुख आयातक देशों के लिए संजीवनी के समान है, क्योंकि इससे देश के आयात बिल और राजकोषीय दबाव में कमी आएगी।
हालांकि, वैश्विक शेयर बाजारों में फिलहाल मिला-जुला रुख बना हुआ है; जहाँ भारतीय सेंसेक्स और निफ्टी सपाट खुले, वहीं अमेरिकी वॉल स्ट्रीट के इंडेक्स मामूली बढ़त पर रहे।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में शांति वार्ता स्थाई समझौते की ओर बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और सुधार होगा, जिससे परिवहन लागत कम होगी और घरेलू स्तर पर महंगाई से जूझ रही जनता को बड़ी राहत मिल सकेगी।
