सूरत : चैंबर की लेडीज़ विंग का ‘नारी शक्ति वंदना’ कार्यक्रम, महिला सशक्तिकरण पर जोर
मंत्री प्रफुलभाई पानशेरिया बोले—सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर महिलाएं बनें आत्मनिर्भर
सूरत।सूरत में सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की लेडीज़ विंग द्वारा ‘नारी शक्ति वंदना’ कार्यक्रम का आयोजन बुधवार, 15 अप्रैल 2026 को सायंस सेन्टर सूरत में किया गया। इस अवसर पर गुजरात के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्लभाई पानशेरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में मंत्री पानशेरिया ने महिलाओं के समग्र विकास के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को इन योजनाओं का पूरा लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनना चाहिए और अपने हुनर व काबिलियत के दम पर समाज में अलग पहचान बनानी चाहिए।
कार्यक्रम की शुरुआत में चैंबर की लेडीज़ विंग की अध्यक्ष मयूरीबेन मेवावाला ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें सही मार्गदर्शन, अवसर और प्रोत्साहन देना आवश्यक है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
चैंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने अपने संबोधन में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे व्यवहार में लाना जरूरी है। उन्होंने समाज में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में वक्ता के रूप में डी.आर. जोशी ने ‘लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी एक्ट 1987’ के तहत मिलने वाली फ्री लीगल एड के बारे में विस्तार से जानकारी दी और महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
फर्स्ट एजुकेशन के भाविक रावल ने महिलाओं की शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षित महिला पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं डॉ. विकास देसाई ने महिलाओं में कुपोषण और एनीमिया की समस्या पर चिंता जताते हुए नियमित स्वास्थ्य जांच और संतुलित आहार की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम के अंत में लेडीज़ विंग की वाइस चेयरपर्सन अल्पाबेन मद्रासी ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन स्वाति सेठवाला ने किया, जबकि एडवाइजर रेशमाबेन मंडलेवाला सहित विभिन्न क्षेत्रों की 300 से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस आयोजन के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और कानूनी अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई।
