सूरत : श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा भव्य सुंदरकांड पाठ का आयोजन 10 अप्रैल को
पंचवटी हॉल में गोसेवा के लिए जुटेंगे श्रद्धालु, ऊर्जा और भक्ति से सरोबोर होता है अजय याग्निक का सुंदरकांड पाठ
श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा, सूरत शाखा के तत्वावधान में पूज्या वेदलक्षणा गोमाता की कृपा से सूरत महानगर में गोसेवा के उद्देश्य से श्री सुंदरकांड पाठ का भव्य आयोजन 10 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। यह धार्मिक कार्यक्रम सायं 5 बजे से रात्रि 9 बजे तक पंचवटी हॉल, महाराजा अग्रसेन पैलेस, सिटीलाइट में आयोजित होगा, जिसमें प्रसिद्ध वक्ता श्रीमान अजयजी याग्निक सुंदरकांड पाठ का वाचन करेंगे।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर रविवार, 5 अप्रैल को डुम्भाल हनुमानजी मंदिर में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में शाखा प्रमुख संदीप पोद्दार, मीडिया प्रभारी सज्जन महर्षि, तुलसी राजपुरोहित, विपिन जालान, राणमल राजपुरोहित, मूलसिंह राजपुरोहित, अजय शर्मा, मांगीलाल राजपुरोहित, युवा शाखा के प्रमुख हर्षभाई सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य तथा बड़ी संख्या में गोभक्त उपस्थित रहे।
शाखा प्रमुख संदीप पोद्दार ने बताया कि अजयजी याग्निक का सुंदरकांड पाठ अपनी ऊर्जा, तीव्र गति और भावपूर्ण शैली के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। उनके पाठ की सबसे बड़ी विशेषता उसकी लयबद्ध और द्रुत गति है, जिसे “फास्टेस्ट सुंदरकांड” के रूप में भी जाना जाता है। वे चौपाइयों का तेज और तालबद्ध गायन करते हैं, जिससे श्रोता ऊर्जा से भर उठते हैं।
मीडिया प्रभारी सज्जन महर्षि ने बताया कि अजयजी याग्निक केवल पाठ ही नहीं करते, बल्कि बीच-बीच में चौपाइयों की सरल भाषा में व्याख्या भी करते हैं। वे रामायण के प्रसंगों को आधुनिक जीवन की चुनौतियों, जैसे ईर्ष्या और अहंकार, से जोड़कर समझाते हैं, जिससे श्रोताओं को प्रेरणादायक संदेश मिलता है।
सचिव विपिन जालान ने बताया कि उनका सुंदरकांड पाठ अत्यंत संगीतमय और भक्तिमय होता है। “श्री राम जय राम जय जय राम” जैसे मंत्रों और भजनों के माध्यम से वे पूरे वातावरण को आध्यात्मिकता से भर देते हैं। साथ ही, उनके पाठ में भगवान हनुमान के प्रति विशेष श्रद्धा भी झलकती है। वे पाठ प्रारंभ करने से पूर्व हनुमान जी को आसन ग्रहण करने की प्रार्थना कर विशेष आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करते हैं।
कार्यक्रम में गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस के संपूर्ण सुंदरकांड का पाठ किया जाएगा। आयोजकों ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुण्य अवसर का लाभ लेने का आग्रह किया है।
