सूरत : केमिकल सेक्टर के लिए ऐतिहासिक दिन, चैंबर ऑफ कॉमर्स और 'केमेक्सिल' के बीच 5 साल का MoU साइन
हर साल सूरत में होगा भव्य 'केमिकल एंड फार्मा एक्सपो'; निर्यात बढ़ाने के लिए उद्यमियों को मिलेगा वैश्विक मंच और सरकारी मार्गदर्शन
सूरत। दक्षिण गुजरात के औद्योगिक इतिहास में शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 का दिन एक मील का पत्थर साबित हुआ है। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्यरत 'बेसिक केमिकल्स, कॉस्मेटिक्स एंड डाइज एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल' (केमेक्सिल) के साथ पांच वर्षों के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह ऐतिहासिक समझौता मुंबई स्थित केमेक्सिल मुख्यालय में दोनों संस्थाओं के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
हर साल सजेगा 'केमिकल एंड फार्मा एक्सपो'
इस साझेदारी की सबसे बड़ी उपलब्धि यह होगी कि अब हर साल सूरत में 'केमिकल एंड फार्मा एक्सपो' का आयोजन किया जाएगा। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने बताया कि इस एक्सपो के माध्यम से सूरत की केमिकल और फार्मा इकाइयों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का सीधा अवसर मिलेगा।
निर्यात को मिलेगी नई रफ़्तार
MoU के तहत आगामी पांच वर्षों में दोनों संगठन मिलकर निम्नलिखित गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
एक्सपोर्ट गाइडेंस: उद्यमियों को वैश्विक बाजार में निर्यात बढ़ाने के लिए आवश्यक नीतियों और मार्केट ट्रेंड्स की जानकारी दी जाएगी।
सेमिनार और वर्कशॉप: नियमित अंतराल पर मेंटरिंग प्रोग्राम और तकनीकी सेमिनार आयोजित होंगे।
पॉलिसी सपोर्ट: केमिकल सेक्टर से जुड़े नीतिगत मुद्दों (Policy Issues) पर सरकार के साथ समन्वय कर स्थानीय उद्योगों को लाभ पहुँचाया जाएगा।
वरिष्ठ पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
MoU साइनिंग के दौरान चैंबर की ओर से मानद मंत्री बिजल जरीवाला, मानद कोषाध्यक्ष CA मितिश मोदी, सचिव पॉलिक देसाई और ई.जे. थॉमस उपस्थित रहे।
वहीं केमेक्सिल की ओर से चेयरमैन सतीश वाघ, वाइस चेयरमैन अंकित पटेल, डायरेक्टर जनरल रघुवीर किनी और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विशाल गंजू ने इस साझेदारी को सूरत के औद्योगिक विकास के लिए एक नई दिशा बताया।
सूरत बनेगा केमिकल हब
केमेक्सिल के चेयरमैन ने भरोसा दिलाया कि वे सूरत के केमिकल सेक्टर को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में पूरा सहयोग करेंगे। इस साझेदारी से न केवल व्यापार बढ़ेगा, बल्कि नई तकनीक और निवेश के रास्ते भी खुलेंगे।
