सूरत : मानवता के कार्यों की मिसाल: देसाई परिवार ने देहदान कर निभाई अनूठी सेवा, देवराजभाई ने देहदान से दिया मानवता का अनूठा संदेश

जीवनभर सेवा और परमार्थ के कार्यों के बाद परिवार ने निभाया उनका संकल्प, समाज के लिए बने प्रेरणा स्रोत

सूरत : मानवता के कार्यों की मिसाल: देसाई परिवार ने देहदान कर निभाई अनूठी सेवा, देवराजभाई ने देहदान से दिया मानवता का अनूठा संदेश

सूरत के मोटा वराछा क्षेत्र में रहने वाले मूल रूप से भावनगर जिले के उखरला गांव निवासी 80 वर्षीय देवराजभाई प्रेमजीभाई देसाई ने अपने जीवन में अंधविश्वास से दूर रहकर सच्चे अर्थों में मानवता और समाज सेवा का आदर्श प्रस्तुत किया। उनके जीवन के साथ-साथ मृत्यु के बाद भी उनकी सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणादायक बन गई।

देवराजभाई देसाई ने अपने परिवार के साथ मिलकर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक सेवाओं में सक्रिय योगदान दिया। उन्होंने माधवानंद आश्रम में अन्नक्षेत्र सेवा, चांनोड में गौ सेवा तथा ग्रीन आर्मी के साथ जुड़कर लगभग 150 वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। परिवार द्वारा जन्मदिन, विवाह एवं पुण्यतिथि जैसे अवसरों पर भी वृक्षारोपण, नेत्रदान, देहदान और अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।

उनके निधन के पश्चात परिवार ने उनके आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए उनका देह मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के अध्ययन हेतु समर्पित करने का निर्णय लिया, ताकि विद्यार्थी मानव शरीर की संरचना का गहन ज्ञान प्राप्त कर सकें। इस संबंध में परिवार ने लोक दृष्टि आई बैंक एवं रेड क्रॉस ब्लड सेंटर के डॉ. प्रफुल्लभाई शिरोया तथा दिनेशभाई जोगाणी के समक्ष अपनी भावना व्यक्त करते हुए संकल्प पत्र भी भरा।

इस अवसर पर उनके पुत्र धनसुखभाई देसाई, बिपीनभाई देसाई, प्रवीणभाई देसाई, पौत्री डॉ. स्मिता देसाई सहित आशिष, जेनिश, जिगर, भार्गव, पार्थ और कृष्णा समेत परिवारजन, रिश्तेदार, मित्रगण, ग्रीन आर्मी के सदस्य एवं पटेल समाज के लोगों ने देसाई परिवार के इस महान निर्णय की सराहना की। “जीते जी रक्तदान, जाते-जाते नेत्र, देह और अंगदान – यही है सर्वोत्तम दान” के संदेश को साकार करते हुए देसाई परिवार ने समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

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