सूरत : नायलॉन यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी को लेकर विवाद, सूरत के बुनकरों ने उठाए सवाल

DGTR के फैसले के खिलाफ वीवर्स का विरोध, कहा—फाइनल निर्णय से पहले सरकार से करेंगे अपील

सूरत : नायलॉन यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी को लेकर विवाद, सूरत के बुनकरों ने उठाए सवाल

सूरत के टेक्सटाइल उद्योग में नायलॉन यार्न पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी (ADD) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। डीजीटीआर  (Directorate General of Trade Remedies) के हालिया फैसले में चीन और वियतनाम से आयात होने वाले नायलॉन यार्न पर कंपनी के अनुसार 23.5 रुपये से 78 रुपये प्रति किलो तक ड्यूटी लगाने की सिफारिश की गई है।

इस फैसले पर सूरत के वीवर्स और इंडस्ट्री से जुड़े संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि यह निर्णय हजारों बुनकरों के हितों के खिलाफ है और इसे लेकर खरीदारों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

वीवर्स संगठनों का दावा है कि स्पिनर्स (कातिनों) द्वारा डीजीटीआर में यह कहते हुए अर्जी दी गई थी कि इंपोर्टेड नायलॉन यार्न से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है, जबकि हकीकत इसके विपरीत है। इंडस्ट्री के अनुसार, कई स्पिनर्स ने पिछले साल 600 प्रतिशत से अधिक मुनाफा कमाया है, जबकि कुछ कंपनियों का लाभ 132 प्रतिशत से भी अधिक रहा है।

इसके साथ ही, नायलॉन FDY और मदर यार्न की मासिक मांग में 7000 टन से अधिक की कमी बताई जा रही है। ऐसे में वीवर्स का कहना है कि जब उत्पादन पहले से ही मांग से कम है और स्पिनर्स लाभ में हैं, तो एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने का औचित्य सवालों के घेरे में है।

इंडस्ट्री लीडर्स ने स्पष्ट किया है कि वे इस मुद्दे को फाइनेंस मिनिस्ट्री और  टेक्सटाइल मिनिस्ट्री के समक्ष उठाएंगे। साथ ही, सांसद सी.आर. पाटिल को भी प्रतिनिधित्व देकर ड्यूटी लागू न करने की मांग की जाएगी।

वीवर्स संगठनों ने यह भी कहा कि डीजीटीआर का निर्णय अंतिम नहीं है और वित्त मंत्रालय को 90 दिनों के भीतर इस पर अंतिम फैसला लेना है। ऐसे में उद्योग से जुड़े लोगों को घबराने या जल्दबाजी में नायलॉन यार्न की खरीद करने से बचने की सलाह दी गई है।

उन्होंने वर्ष 2018 का उदाहरण देते हुए बताया कि उस समय भी डीजीटीआर ने एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की सिफारिश की थी, लेकिन सरकार ने अंतिम निर्णय में वीवर्स के पक्ष में फैसला लिया था।

सचिन इंडस्ट्रियल सोसाइटी के सचिव और वीवर लीडर मयूर गोलवाला, सूरत नायलॉन वीवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मयूर चेवली और वेडरोड वीवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपेंद्रभाई चाहवाला ने संयुक्त रूप से कहा कि उद्योग के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

इस फैसले को लेकर अब पूरे टेक्सटाइल सेक्टर की नजर केंद्र सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है।

Tags: Surat Yarn