सूरत : डुमस सी-फेस पर SMC का श्रमदान अभियान, 4000 नागरिकों की भागीदारी से 212 किलो कचरा हटाया
कमिश्नर एम. नागराजन खुद सफाई में उतरे, टूरिस्ट स्पॉट को ‘लिटर-फ्री ज़ोन’ बनाने का संकल्प
सूरत। शहर की प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल डुमस सी-फेस पर बढ़ती गंदगी को लेकर सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने रविवार सुबह एक व्यापक श्रमदान अभियान चलाया।
वीकेंड पर बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों द्वारा फैलाए जा रहे प्लास्टिक कचरे, पानी की बोतलों और पान-मसाला के दागों की समस्या से निपटने के लिए यह पहल की गई।
इस अभियान की खास बात यह रही कि म्युनिसिपल कमिश्नर एम. नागराजन स्वयं मौके पर पहुंचे और उन्होंने सड़कों व समुद्र किनारे पड़े कचरे को उठाकर नागरिकों को स्वच्छता का संदेश दिया।
उनके साथ पूर्व मेयर दक्षेश मावाणी, हेमालीबेन बोघावाला, पूर्व दंडक धर्मेश वानियावाला, डिप्टी कमिश्नर मनीष डॉक्टर, धर्मेश मिस्त्री और हेल्थ ऑफिसर प्रदीप उमरीगर समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
अभियान में 4000 से अधिक जागरूक नागरिकों ने भाग लिया और कुछ ही घंटों में 212 किलो से ज्यादा प्लास्टिक कचरा, खाली बोतलें और अन्य अपशिष्ट एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से उसका निस्तारण किया गया।
इस दौरान “इनोवेटिव फॉर इंडिया” और “क्लीनअप सूरत” जैसे एनजीओ, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर्स भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। उन्होंने मौके पर ही सफाई को लेकर रील्स बनाकर युवाओं में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया।
कमिश्नर एम. नागराजन ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि पर्यटन स्थलों पर आनंद लेने के साथ-साथ स्वच्छता बनाए रखना हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सूखा और गीला कचरा अलग रखने और डस्टबिन का उपयोग करने पर जोर दिया।
पूर्व मेयर दक्षेश मावाणी ने भी कहा कि सूरत की पहचान उसकी स्वच्छता से है और इसे बनाए रखना केवल सफाई कर्मचारियों का नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। डुमास सी-फेस को ‘लिटर-फ्री ज़ोन’ बनाने के लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है।
गौरतलब है कि सूरत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा स्वच्छता को लेकर लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि शहर आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में भी अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रख सके।
