सूरत : युद्ध जैसे हालात से कपड़ा बाजार प्रभावित, चुनौतीपूर्ण समय में पूंजी की सुरक्षा ही सबसे बड़ी उपलब्धि : नरेन्द्र साबू 

 नामी एजेंटों और प्रतिष्ठित व्यापारियों के नाम से हो रही धोखाधड़ी, पूरी सतर्कता और जांच-पड़ताल के बाद ही लेन-देन करें

सूरत : युद्ध जैसे हालात से कपड़ा बाजार प्रभावित, चुनौतीपूर्ण समय में पूंजी की सुरक्षा ही सबसे बड़ी उपलब्धि : नरेन्द्र साबू 

सूरत मर्केंटाइल एसोसिएशन (एसएमए) की 215वीं नियमित साप्ताहिक समस्या समाधान बैठक रविवार, 29 मार्च 2026 को माहेश्वरी भवन, सिटी लाइट परिसर में आयोजित की गई। यह बैठक प्रातः 9:30 से 10:30 बजे तक एसएमए प्रमुख नरेंद्र साबू के नेतृत्व में पंच पैनल और कोर कमेटी की मौजूदगी में संपन्न हुई।

बैठक में 95 व्यापारी सदस्यों ने भाग लिया, जहां समस्या समाधान के लिए कुल 9 आवेदन पत्रों पर सुनवाई की गई। इनमें से एक मामले का तत्काल समाधान आपसी बातचीत से कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए पंच पैनल और लीगल टीम को सौंपा गया है।

साप्ताहिक बैठक के समापन पर अध्यक्ष नरेंद्र साबू ने व्यापारियों को आगामी वित्तीय वर्ष को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि आने वाला नया वित्तीय वर्ष व्यापार जगत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यदि व्यापारी अपने निवेशित धन को सुरक्षित रख पाते हैं, तो यह भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि वैश्विक स्तर पर युद्ध जैसे हालात के कारण व्यापारिक माहौल प्रभावित हो रहा है, जिसका सीधा असर बाजार पर पड़ रहा है।

नरेंद्र साबू ने व्यापारियों से अपील की कि वे हर निर्णय सोच-समझकर लें और पूरी गंभीरता के साथ व्यापार करें, ताकि संभावित जोखिमों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सतर्कता और समझदारी ही व्यापार को सुरक्षित रखने का सबसे बड़ा साधन है।

इस दौरान एसोसिएशन ने गत वित्तीय वर्ष का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया। जानकारी के अनुसार, वर्षभर में संगठन को कुल 1320 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 670 मामलों का सफल समाधान कराया गया। इन प्रयासों के जरिए व्यापारियों को आपसी समझौते से करीब 17 करोड़ 60 लाख रुपये की राशि दिलवाई गई।

बैठक में हाल के दिनों में बढ़ रही धोखाधड़ी की घटनाओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। बताया गया कि सूरत के नामी एजेंटों और प्रतिष्ठित व्यापारियों के नाम तथा उनके जीएसटी नंबर का दुरुपयोग कर माल बुक कराया जा रहा है। इसके बाद ट्रांसपोर्ट से माल उठाकर लाखों-करोड़ों रुपये की ठगी की जा रही है। एसोसिएशन को इस संबंध में कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। व्यापारियों से अपील की गई कि वे पूरी सतर्कता और जांच-पड़ताल के बाद ही लेन-देन करें।

एसएमए ने सरकार के समक्ष यह मुद्दा भी उठाया कि जीएसटी के तहत तैयार होने वाले इनवॉइस डेटा को डिजिटल पेमेंट सिस्टम से लिंक किया जाना चाहिए। इससे रिसिवेबल और पेमेंट की पूरी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी तथा बी2बी ट्रेड क्रेडिट स्कोरिंग में पारदर्शिता आएगी। इससे व्यापारियों को अपनी पार्टियों की भुगतान क्षमता का आकलन करने में मदद मिलेगी।

बैठक का समापन स्वादिष्ट अल्पाहार के साथ हुआ। इस अवसर पर एसएमए परिवार के राजकुमार चिरानिया, दुर्गेश टिबड़ेवाल, घनश्याम माहेश्वरी, मनोज अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, रामकिशोर बजाज, संजय अग्रवाल सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।

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