सूरत की इंडस्ट्री को ₹128 करोड़ की बिजली राहत, GERC ने मानी चैंबर ऑफ कॉमर्स की मांगें

DGVCL टैरिफ 2026-27 घोषित: TOU डिस्काउंट का समय 2 घंटे बढ़ा, बेस टैरिफ में कोई बढ़ोतरी नहीं और स्मार्ट मीटर की अनिवार्य शर्त खत्म

सूरत की इंडस्ट्री को ₹128 करोड़ की बिजली राहत, GERC ने मानी चैंबर ऑफ कॉमर्स की मांगें

सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री(SGCCI) ने गुजरात इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (GERC) द्वारा दक्षिण गुजरात विज कंपनी लिमिटेड (DGVCL) के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के घोषित टैरिफ ऑर्डर का स्वागत किया है।

चैंबर ने इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए इंडस्ट्रीज़ और बिजली उपभोक्ताओं के हित में विस्तृत प्रस्तुति दी थी, जिसे आयोग ने स्वीकार करते हुए कई अहम फैसले लिए हैं।

चैंबर की सिफारिशों के आधार पर लिए गए इन निर्णयों से दक्षिण गुजरात की इंडस्ट्रीज़ को उल्लेखनीय राहत मिलने की उम्मीद है। आयोग ने टैरिफ निर्धारण में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए उपभोक्ताओं और उद्योगों के हितों को संतुलित रखने का प्रयास किया है।

टैरिफ ऑर्डर के तहत टाइम-ऑफ-यूज़ (TOU) डिस्काउंट का समय दो घंटे बढ़ाकर सुबह 11:00 बजे से  दोपहर 3:00 बजे तक मिलता था, वह अब शाम 5:00 बजे तक कर दिया गया है।

प्रति यूनिट 0.60 रुपये के इस डिस्काउंट से क्षेत्र की इंडस्ट्रीज़ को सालाना लगभग 128 करोड़ रुपये का लाभ मिलने का अनुमान है, जिससे लोड मैनेजमेंट बेहतर होगा और बिजली लागत में कमी आएगी।

इसके अलावा, TOU डिस्काउंट का लाभ लेने के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब सभी पात्र स्मार्ट मीटर उपभोक्ता इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे, जिससे इसकी पहुंच और प्रभाव बढ़ेगा।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आयोग ने सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बेस टैरिफ में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। बिजली दरों को स्थिर रखने का यह निर्णय उद्योगों के लिए राहतभरा माना जा रहा है, खासकर ऊर्जा-आधारित इकाइयों के लिए।

चैंबर के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने कहा कि इन फैसलों से उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और उत्पादन लागत में कमी आएगी, जिससे क्षेत्र के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

उन्होंने GERC का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चैंबर भविष्य में भी उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए नीति संबंधी मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा।

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