सूरत में इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट पर सेमिनार: ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप से भविष्य के अवसरों पर फोकस
एक्सपर्ट्स बोले—वेस्ट एनालिसिस और सही ट्रीटमेंट टेक्नोलॉजी अपनाकर इंडस्ट्रीज़ घटा सकती हैं प्रदूषण और लागत
सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SGCCI) ने गुजरात क्लीनर प्रोडक्शन सेंटर और सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट के साथ मिलकर बुधवार, 25 मार्च 2026 को सरसाना स्थित उषाकांत मारफतिया हॉल में ‘गुजरात में इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट का मौजूदा माहौल और ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप के ज़रिए भविष्य के मौके’ विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया।
सेमिनार में विशेषज्ञों ने इंडस्ट्रियलिस्ट्स और प्रोफेशनल्स को वेस्ट मैनेजमेंट के प्रभावी तरीकों, वेस्ट एनालिसिस और उपयुक्त वेस्ट ट्रीटमेंट टेक्नोलॉजी के चयन पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सही विश्लेषण और तकनीक के उपयोग से न केवल कचरे की मात्रा कम की जा सकती है, बल्कि पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को भी घटाया जा सकता है।
कार्यक्रम में चैंबर ऑफ कॉमर्स के वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक वेस्ट मैनेजमेंट की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप को अपनाना समय की मांग है, जिससे उद्योग भविष्य में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकते हैं।
गुजरात क्लीनर प्रोडक्शन सेंटर के मैनेजिंग डायरेक्टर भरत जैन ने इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट में आधुनिक तकनीकों और ग्रीन प्रैक्टिस को अपनाने की जरूरत बताई। वहीं, एलेम्बिक फार्मास्यूटिकल्स के कॉर्पोरेट हेड (EHS एवं सस्टेनेबिलिटी) सुशील खरकवाल ने पर्यावरणीय सुरक्षा और सस्टेनेबल प्रैक्टिस के महत्व पर प्रकाश डाला।
AMNS इंडिया, हजीरा के एनवायरनमेंट हेड अकुल सेनापति ने ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज, वेस्ट-टू-एनर्जी और सर्कुलर इकॉनमी जैसे आधुनिक तरीकों की जानकारी देते हुए कहा कि इनसे इंडस्ट्रीज़ अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ा सकती हैं।
CED सूरत के एसटीओ अविनाश हिरपारा ने युवाओं के लिए ग्रीन एंटरप्रेन्योरशिप में उभरते अवसरों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट, रीसाइक्लिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप के बड़े मौके मौजूद हैं।
गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के रीजनल ऑफिसर अरुण पटेल ने उद्योगों के लिए आवश्यक पर्यावरणीय नियमों और गाइडलाइंस की जानकारी दी, जबकि जिला उद्योग केंद्र, सूरत के जनरल मैनेजर जे.बी. दवे ने सरकारी योजनाओं और सहायता के बारे में बताया।
कार्यक्रम में चैंबर के ऑनरेरी ट्रेज़रर सीए मितिश मोदी सहित कई उद्योगपति और प्रोफेशनल्स उपस्थित रहे। सेमिनार का संचालन सुश्री जया रंगवानी ने किया, जबकि वेस्ट मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन कुन्हल शाह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
