सूरत : मजदूरों के लिए LPG सुविधा आसान बनाने की मांग, चैंबर ने कलेक्टर को लिखा पत्र
आधार कार्ड आधारित सिस्टम लागू करने का सुझाव, गैस की कमी से प्रवासी मजदूरों में बढ़ सकती है नाराज़गी और पलायन का खतरा
सूरत। सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने शहर में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों को घरेलू LPG गैस कनेक्शन प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों को लेकर जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। चैंबर ने जिला कलेक्टर डॉ. सौरभ पारधी (IAS) को पत्र लिखकर इस समस्या के समाधान के लिए त्वरित कदम उठाने की मांग की है।
चैंबर के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने बताया कि सूरत में कार्यरत कुल श्रमिकों में लगभग 60 से 80 प्रतिशत मजदूर अन्य जिलों और राज्यों से आए प्रवासी हैं। इनमें से अधिकांश के पास स्थानीय राशन कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें घरेलू LPG गैस कनेक्शन लेने में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
चैंबर ने अपने पत्र में सुझाव दिया है कि मजदूरों को राशन कार्ड के बजाय आधार कार्ड के आधार पर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू की जाए। आधार कार्ड एक मान्य पहचान पत्र होने के कारण इससे मजदूरों को आसानी से गैस सुविधा मिल सकेगी।
चैंबर ने यह भी चेतावनी दी है कि वर्तमान में गैस सिलेंडर की कमी और आपूर्ति में आ रही दिक्कतों से मजदूर वर्ग में असंतोष बढ़ सकता है। यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्यों की ओर लौट सकते हैं, जिससे सूरत के टेक्सटाइल, डायमंड और अन्य उद्योगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
अंत में चैंबर ने जिला प्रशासन से इस मुद्दे पर शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि मजदूरों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और उद्योगों की कार्यप्रणाली प्रभावित न हो।
