सूरत : ब्रेन-डेड क्रुणालभाई के ऑर्गन डोनेशन से चार लोगों को नई ज़िंदगी
सूरत न्यू सिविल में 92वां सफल अंगदान, जादव परिवार ने दिखाई मानवता की मिसाल
सूरत। ऑर्गन डोनर सिटी के रूप में पहचान बना चुके सूरत में एक और प्रेरणादायक अंगदान का मामला सामने आया है। नवसारी जिले के वांसदा निवासी 20 वर्षीय ब्रेन-डेड क्रुणालभाई जादव के अंगदान से चार जरूरतमंद लोगों को नई ज़िंदगी मिलने जा रही है। इस सफल प्रक्रिया के साथ न्यू सिविल हॉस्पिटल के जरिए यह 92वां अंगदान दर्ज किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 मार्च को वांसदा के चिकटिया गांव में क्रुणालभाई की बाइक बिजली के खंभे से टकरा गई, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। उन्हें तत्काल 108 एम्बुलेंस के माध्यम से वंसदा अस्पताल और बाद में वलसाड सिविल अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर 19 मार्च को उन्हें सूरत के न्यू सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां 23 मार्च को विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उन्हें ब्रेन-डेड घोषित कर दिया।
इसके बाद डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने परिजनों को अंगदान के महत्व के बारे में समझाया। मानवता का परिचय देते हुए क्रुणालभाई के माता-पिता ने अंगदान के लिए सहमति दी। परिजनों ने भावुक शब्दों में कहा कि “यदि हमारे बेटे के अंगों से किसी की जान बचती है, तो वह दूसरों के शरीर में जीवित रहेगा।”
अंगदान प्रक्रिया के तहत क्रुणालभाई का हृदय अहमदाबाद स्थित यु.एन. महेता अस्पताल भेजा गया, जबकि लिवर और दोनों किडनी अहमदाबाद स्थित आई.के.डी. अस्पताल पहुंचाई गईं।
पूरी प्रक्रिया न्यू सिविल हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. धारित्री परमार, आरएमओ डॉ. केतन नायक, डॉ. नीलेश कछड़िया, गुजरात नर्सिंग काउंसिल के वाइस प्रेसिडेंट इकबाल कड़ीवाला के मार्गदर्शन में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों और स्वयंसेवकों के समन्वय से सफलतापूर्वक पूरी की गई।
यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि “ऑर्गन डोनेशन महादान” है, जो किसी के जीवन को नई उम्मीद दे सकता है।
