सूरत : बिहार विकास मंडल द्वारा चैत्री सूर्य छठ पूजा का आगाज, अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य आज
वीयर कम कॉजवे तापी घाट पर रोशनी, पंडाल और भोजपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ जुटेंगे हजारों श्रद्धालु
सूरत में बिहार विकास मंडल द्वारा चैत्री सूर्य छठ पूजा के 26वें वर्ष का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। चैत्री नवरात्रि के छठे दिन मनाया जाने वाला यह महापर्व 23 मार्च 2026 से प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
इस अवसर पर 24 मार्च की संध्या को श्रद्धालु डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे, जबकि अगले दिन उदित होते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा। यह पर्व विशेष रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए अत्यंत श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है, जिसे वर्ष में दो बार मनाया जाता है।
सूरत नगर निगम के सहयोग से वीयर कम कॉजवे स्थित तापी नदी घाट पर इस आयोजन की व्यापक तैयारियां की गई हैं। घाट पर आकर्षक रोशनी, सजे हुए पंडाल, भव्य मंच और चैता-भोजपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
बिहार विकास मंडल के अध्यक्ष प्रभुनाथ प्रसाद यादव, सचिव बांके बिहारी सिंह, नंदकुमार पंडित, राजीव शाह, शमशेर सिंह, उदय प्रकाश ,संतोष यादव,ओम प्रकाश,चंद्रकांत,सूर्यकांत, श्रीराम यादव, जितेंद्र गुरुदेव, दीनानाथ चौरसिया, बलिराम, राकेश गुप्ता, संदीप दुबे, सुजीत दुबे, अमित शाह इत्यादि सहित कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के सहयोग से व्यवस्थाएं सुचारू रूप से की गई हैं।
मंडल के अनुसार, पिछले 26 वर्षों से महानगर में बसे प्रवासी समाज द्वारा इस पर्व को निरंतर उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। छठ पूजा में व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास रखते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ सूर्य भगवान की आराधना करते हैं। जिनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, वे इस कठिन साधना को निभाते हैं।
आयोजन के दौरान भोजपुरी चैता लोकगायक विजय शुक्ला एवं नृत्य कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होंगी। पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस का भी विशेष सहयोग रहेगा, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। वहीं, मंडल कार्यकर्ताओं और नगर निगम द्वारा तापी नदी घाट की साफ-सफाई, रंग-रोगन, सजावट, रोशनी और पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर विभिन्न संप्रदायों के साधु-संत एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित होकर सूर्य देव और छठ माता की पूजा-अर्चना में भाग लेंगे।
