सूरत : सुमुल डेयरी ने रचा इतिहास, रेनवॉटर रिचार्ज प्रोजेक्ट के लिए मिला इंटरनेशनल ‘वॉटर क्रेडिट’

देश की पहली कोऑपरेटिव यूनियन बनी, 2.5 करोड़ लीटर पानी रिचार्ज कर कमाए 25,000 वॉटर क्रेडिट

सूरत : सुमुल डेयरी ने रचा इतिहास, रेनवॉटर रिचार्ज प्रोजेक्ट के लिए मिला इंटरनेशनल ‘वॉटर क्रेडिट’

सूरत। सूरत की अग्रणी डेयरी सुमुल डेयरी ने जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। व्हाइट रेवोल्यूशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली इस डेयरी ने अब पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल की है।

सुमुल डेयरी भारत की पहली कोऑपरेटिव यूनियन बन गई है, जिसे अपने रेनवॉटर रिचार्ज प्रोजेक्ट के लिए ‘वॉटर क्रेडिट’ प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि न केवल डेयरी सेक्टर बल्कि पूरे कोऑपरेटिव मॉडल के लिए एक मिसाल मानी जा रही है।

इस प्रोजेक्ट के तहत सूरत और तापी जिलों की 100 कोऑपरेटिव मिल्क सोसाइटियों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए गए। इसके माध्यम से करीब 2.5 करोड़ लीटर (25 मिलियन लीटर) वर्षा जल को सफलतापूर्वक भूजल स्तर में रिचार्ज किया गया।

इस उल्लेखनीय कार्य के लिए इन सोसाइटियों को लगभग 25,000 रेनवॉटर ऑफसेट यूनिट्स (RoU) यानी ‘वॉटर क्रेडिट’ मिले हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह वॉटर क्रेडिट केवल एक प्रमाण पत्र नहीं, बल्कि एक आर्थिक संपत्ति भी है। इन क्रेडिट्स को ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर बेचकर सोसाइटियां अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी, जिससे रेनवॉटर सिस्टम के रखरखाव का खर्च भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

इस पहल से स्थानीय स्तर पर जलस्तर में सुधार होने के साथ किसानों और पशुपालकों को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि बोरवेल और कुओं में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी।

सुमुल डेयरी ‘पवित्रता की परंपरा’ के अपने मूल मंत्र के साथ अब दूध की गुणवत्ता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अग्रसर है। यह पहल दर्शाती है कि संस्था आर्थिक विकास के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के प्रति भी प्रतिबद्ध है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में देशभर के कोऑपरेटिव सेक्टर के लिए एक मार्गदर्शक साबित हो सकता है।

Tags: Surat