सूरत : जनगणना 2027 की तैयारी तेज, 18 लाख प्रॉपर्टीज़ का होगा डिजिटल सर्वे
12 हजार एन्यूमेरेटर और 2 हजार सुपरवाइज़र घर-घर जाकर जुटाएंगे डेटा, 90 लाख के करीब पहुंची आबादी के लिए बनेगा नया ब्लूप्रिंट
सूरत : सूरत में 2027 की जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक होगी जनगणना-2027 । सूरत की तेजी से बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से की जाएगी।
इसके तहत लगभग 18 लाख रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टीज़ का घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा, जिससे शहर के भविष्य के विकास का विस्तृत खाका तैयार किया जा सके।
पिछले दो दशकों में सूरत की जनसंख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है। वर्ष 2011 में जहां आबादी 46.45 लाख थी, वहीं अब यह आंकड़ा करीब 90 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में यह जनगणना शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रैफिक, जल आपूर्ति, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर योजना बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस डिजिटल जनगणना के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर योजना बनाई है। सूरत मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में करीब 12 हजार एन्यूमेरेटर और 2 हजार सुपरवाइज़र तैनात किए जाएंगे।
प्रत्येक एन्यूमेरेटर को 150 से 200 घरों का सर्वे करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। सर्वे के दौरान परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, रोजगार, माइग्रेशन और आवास से जुड़ी जानकारी डिजिटल माध्यम से सीधे सर्वर पर अपलोड की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार, डिजिटल प्रक्रिया से समय की बचत होगी और रियल-टाइम डेटा उपलब्ध होने से प्लानिंग अधिक प्रभावी हो सकेगी। इस डेटा के आधार पर शहर के विस्तार, नए आवासीय प्रोजेक्ट्स और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास के लिए दीर्घकालिक योजनाएं बनाई जाएंगी।
जनगणना कार्य में शामिल कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए ट्रेनिंग भी दी जा रही है। साथ ही, उन्हें करीब 20 हजार रुपये का मेहनताना देने का निर्णय लिया गया है, ताकि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को सुचारू रूप से पूरा कर सकें।
इस तरह, डिजिटल जनगणना 2027 सूरत के भविष्य के विकास की दिशा तय करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
