सूरत : उकाई राइट बैंक कैनाल टूटने पर मचा हड़कंप, किसानों के मुआवजे और जांच की मांग तेज

कांटवा गांव में कैनाल टूटने से फसलों को भारी नुकसान, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की उठी मांग

सूरत : उकाई राइट बैंक कैनाल टूटने पर मचा हड़कंप, किसानों के मुआवजे और जांच की मांग तेज

सूरत। सूरत जिले के मांगरोल तालुका के कांटवा गांव के पास उकाई राइट बैंक कैनाल के अचानक टूटने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। इस घटना के बाद प्रभावित क्षेत्रों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गईं, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

इस मामले को लेकर  दर्शन कुमार ए. नायक जनरल सेक्रेटरी, गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भुपेन्द्र पटेल , मुख्यमंत्री गुजरात को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि हर वर्ष नहरों के मरम्मत और मॉडिफिकेशन के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद नहरों की स्थिति में सुधार नहीं होता और इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आती हैं। इससे जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों को 100 से 150 दिनों तक पानी का नियमित रोटेशन नहीं मिल पाता, जबकि मरम्मत कार्यों पर भारी खर्च दिखाया जाता है।

बार-बार की शिकायतों और उच्च स्तर पर प्रस्तुतियों के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते यह घटना सामने आई है।

ज्ञापन में सरकार से चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें कांटवा गांव में कैनाल टूटने से प्रभावित सूरत, तापी और भरूच जिलों के किसानों को तुरंत उचित मुआवजा देने, जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, पिछले वर्षों में उकाई और काकरापार नहरों पर हुए खर्च की हाई-लेवल जांच कराने और पूरे नहर सिस्टम का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराने की मांग शामिल है।

ज्ञापन में राज्य सरकार से आग्रह किया गया है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

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