सूरत : चैंबर में पुलिस-इंडस्ट्री संवाद, “नागरिक भी हमारी टीम का हिस्सा” – डीजीपी डॉ. के.एल.एन. राव
चैंबर के इंटरैक्टिव सेशन में सुरक्षा, ट्रैफिक और साइबर क्राइम पर चर्चा; इंडस्ट्री को सुरक्षित माहौल देने का भरोसा
सूरत। सूरत में पुलिस और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया, जिसमें गुजरात पुलिस प्रमुख ने नागरिकों को भी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बताया।
द्वारा 14 मार्च 2026 को सरसाना स्थित समहति में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. के.एल.एन. राव (आईपीएस), गुजरात स्टेट पुलिस चीफ मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।
चैंबर के प्रेसिडेंट निखिल मद्रासी ने कहा कि इस तरह के संवाद से इंडस्ट्रियलिस्ट और पुलिस सिस्टम के बीच बेहतर कम्युनिकेशन बनता है, जिससे व्यापार और उद्योग से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होता है।
अपने संबोधन में डॉ. राव ने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस विभाग इंडस्ट्री को सुरक्षित और अनुकूल व्यापारिक वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सूरत में चल रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स—सड़कें, ओवरब्रिज, मेट्रो और बुलेट ट्रेन—का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमित पुलिस बल के बावजूद शहर में ट्रैफिक मैनेजमेंट और कानून-व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला जा रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा, “सूरत में मुश्किल समय में एकजुट होकर काम करने की परंपरा रही है। नागरिक भी हमारी टीम का हिस्सा हैं।”
बीते अनुभवों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों के दौरान शहर को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन नागरिकों और समाज के सहयोग से सूरत ने तेजी से पुनः अपनी पहचान कायम की।
इस मौके पर अनुपम सिंह गहलोत (आईपीएस), पुलिस कमिश्नर, सूरत ने कहा कि चैंबर और पुलिस के बीच बेहतरीन तालमेल है। उन्होंने बताया कि व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए इकोनॉमिक सेल्स विंग सक्रिय है और जरूरत पड़ने पर व्यवसायी सीधे पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में चैंबर के वाइस प्रेसिडेंट अशोक जीरावाला ने पुलिस विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे संवाद जारी रखने की उम्मीद जताई।
इस अवसर पर चैंबर के पूर्व अध्यक्ष विजय मेवावाला, मानद मंत्री बिजल जरीवाला, मानद कोषाध्यक्ष सीए मितेश मोदीसहित कई उद्यमी, व्यापारी और प्रोफेशनल्स मौजूद रहे। कार्यक्रम में साइबर क्राइम, ट्रैफिक मैनेजमेंट, कानूनी प्रक्रियाओं और इंडस्ट्रियल एरिया की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सुझाव भी साझा किए गए।
